केंद्रीय बजट 2026-27: टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं होने से मिलेगी राहत, छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर रहा जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इसमें महिला और किसानों की आय बढ़ाने ...और पढ़ें

टैक्स स्लैब में नहीं हुआ बदलाव। (जागरण)
HighLights
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, करदाताओं को राहत मिली।
महिला और किसानों की आय बढ़ाने हेतु कई घोषणाएं।
सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की हुई घोषणा।
संवाद सहयोगी, किशनगंज। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किए।
वित्त मंत्री ने इस बजट में महिला और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई एलान किए हैं। साथ ही टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नही कर करदाताओं को भी राहत प्रदान किया है। वित्त मंत्री ने सात नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा किए हैं।
इनमें से एक कॉरिडोर वाराणसी-सिलागुड़ी के बीच भी बनेंगे। वहीं लोगों में महंगाई को लेकर कुछ विशेष पैकेज नहीं मिलने पर निराशा जताया जा रहा है। वहीं, सत्ताधारी लोग बजट को सबका साथ-सबका विकास के तहत बेहतर बता रहे हैं। जबकि विपक्ष के लोग इसे दिखावा बजट करार दिए।
लोगों की राय
उद्योगपति युगल किशोर तोषनीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह बजट सभी वर्ग के लोगों के विकास को देखते हुए बनाया गया है। बजट में आम लोगों को कई फायदा होगा। यह बजट देश के विकास के दूरगामी सोच को देखते हुए बनाया गया है।
इसमें हर सेक्टर को समाहित किया गया है। ताकि हर क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी नीति बनाई गई है। यह केंद्र सरकार का विकास पूरक बजट है। जिससे हर कोई लाभान्वित हो सकेंगे।
युवा उद्यमी तारिक सरफराजी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 युवा भारत की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और विकासशील भारत को समर्पित है। देखा जाए तो इस बजट से मजबूत भविष्य की गारंटी दिखती प्रतीत होती है। यह बजट सबका विकास करने वाला है।
जिसमें युवा, महिला, किसान और गरीब के विश्वास का समावेश दिखता है। टीसीएस नियम को सरल बनाया गया है। सभी स्तर से यह बजट जिम्मेवार, दूरदर्शी व विकासशील बजट के समान है।
कारोबारी लाल चंद अग्रवाल ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में विकसित भारत के आधार स्तंभ, गरीब, किसान, युवाओं व महिलाओं के समग्र कल्याण और विकसित भारत निर्माण के विराट संकल्प को पूरा करने वाला प्रतीत होता है।
जिसमे कृषि, पर्यावरण, पर्यटन, स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, सुरक्षा व लघु उद्योग से लेकर आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 फीसद करने का लक्ष्य रखा जाना केंद्र सरकार का सराहनीय कदम है।
पूर्व प्राचार्य परमेश्वर झा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह नौंवां मौका है जब निर्मला सीतारमण ने सदन में भारत का बजट रखा। इसमें हर सेक्टर के लिए अलग-अलग सौगात दी गईं हैं। युवाओं के लिए इस बार बजट में काफी कुछ दिया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में देश के सभी 789 जिला में गर्ल्स हास्टल बनाने की घोषणा की गई। जिससे बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। बालिकाओं के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
राहत संस्था की संचालिका डॉ. फरजाना बेगम ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं के लिए लखपति दीदी माडल के तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट बनाना बेहतर पहल साबित होगी। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के समुदाय ही चलाएंगे।
यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े सहित कई अन्य स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जा सकेंगे। इससें महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक भी मिलेगा। इससे महिलाएं उद्यमी बनकर स्वयं के साथ अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजन करने में सक्षम होंगी।
किशनगंज विधायक कमरूल हुदा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में कुछ भी विशेष नही है। यह बजट लोक लुभावन बजट के समान है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नही किया गया है। इससे लोगों में निराशा है।
मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन सोलर प्रोडक्ट तो सस्ता किया गया है। लेकिन बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण लगाने के लिए कोई कारगर कदम नही उठाए गए। इस वजह से माध्यम वर्गीय लोगों में मायूसी है।
अर्थशास्त्री प्रो. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नही किया गया है। लेकिन देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ा कर 7.85 लाख करोड़ कर दिया गया। देखा जाय तो रक्षा बजट में 15.2 फीसद की बढ़ोतरी की गई है।
रक्षा बजट की विशेष बात यह है कि इसमें हथियार की खरीदारी और आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए 64 हजार करोड़ सहित नौसेना बेड़ा के लिए 25 हजार करोड़ रुपए दिए गए। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले 17 दवाओं पर बेसिक कसटम डयूटी हटा दी गई है।
तीन आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषना की गई है। हाई स्कूल और कालेज कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाए जाएंगे। साथ ही टैक्स चोरी में पकड़े गए तो सजा के बदले जुर्माना वसूला जाएगा।
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