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    लखीसराय: 8 महीने से ठप है नल का जल, पेयजल को तरस रहे डेढ़ दर्जन परिवार; बेखबर है PHED

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 03:59 PM (IST)

    लखीसराय के खर्रा गांव में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत नल का जल पिछले आठ माह से डेढ़ दर्जन परिवारों तक नहीं पहुंच रहा है। ...और पढ़ें

    8 महीने से ठप है नल का जल ( एआई जेनेरेटेड तस्वीर )

    8 महीने से ठप है नल का जल ( एआई जेनेरेटेड तस्वीर )

    HighLights

    1. खर्रा गांव में आठ माह से नल का जल ठप।

    2. डेढ़ दर्जन परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।

    3. पीएचईडी को शिकायत के बावजूद समाधान नहीं।

    संवाद सूत्र, लखीसराय। सूर्यगढ़ा प्रखंड की अलीनगर पंचायत अंतर्गत खर्रा गांव की वार्ड संख्या दो एवं तीन में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत संचालित हर घर नल का जल योजना पिछले करीब आठ माह से डेढ़ दर्जन परिवारों के लिए बेअसर साबित हो रही है। 

    पेयजल आपूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) को आवेदन देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

    पिछले आठ महीने से नल का पानी नहीं पहुंचा

    ग्रामीणों के अनुसार वार्ड संख्या दो एवं तीन के अरुण यादव, गोरेलाल यादव, किशो यादव, खरटू यादव, रूदल यादव, रामचंद्र यादव, बलदेव यादव समेत करीब डेढ़ दर्जन परिवारों के घरों तक पिछले आठ माह से नल का पानी नहीं पहुंच रहा है। इन वार्डों में अधिकांश परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कार्य कर जीवनयापन करते हैं। ऐसे में पेयजल के लिए रोजाना अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है। 

    ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, लखीसराय को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। 

    जलनिकासी की व्यवस्था नहीं

    ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दोनों वार्डों में पीसीसी सड़क का निर्माण तो हो गया है, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा रहता है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 

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    ग्रामीणों ने पीएचईडी से शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल कराने के साथ-साथ जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की भौतिक जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।