लखीसराय के 20 गांव बनेंगे 'आदर्श ग्राम', शिक्षा-स्वास्थ्य समेत 10 क्षेत्रों में किए जाएंगे काम
लखीसराय में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्यशाला हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। ...और पढ़ें
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HighLights
पीएम-अजय योजना के क्रियान्वयन पर लखीसराय में कार्यशाला आयोजित।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 20 गांवों का चयन 'आदर्श ग्राम' हेतु।
शिक्षा, स्वास्थ्य सहित 10 क्षेत्रों में होगा समन्वित विकास कार्य।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति की कार्यशाला आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने की। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य ऐसे गांवों का समग्र विकास करना है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक है, ताकि उन्हें आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के तहत पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क एवं आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियों का विकास, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, आजीविका और कौशल विकास सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में समन्वित कार्य किए जाएंगे।
जिले में योजना के प्रथम चरण में 20 गांवों का चयन किया गया है। इनमें बड़हिया प्रखंड के कल्याणपुर, चानन प्रखंड के महेशपुर, गुलनी और रमल बिगहा, हलसी प्रखंड के बहछा, पिपरा, मोहिया और हरेवा, लखीसराय प्रखंड के गंगटा, दरियापुर और चकताही, पिपरिया प्रखंड के सैदपुरा बेलथुआ और सुरजीचक तथा सूर्यगढ़ा प्रखंड के अबगिल चक, खुद्दीवन, गौसाबाद, लक्ष्मीपुर, जोगपुर, आराजी मंझियावा और झपानी गांव शामिल हैं।
बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी अश्विनी कुमार चौबे, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मनी, जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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अधिकारियों को चयनित गांवों में विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय कर निर्धारित समय सीमा में विकास कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
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