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प्रतापपुर से एक साथ निकली थीं हेमलता, ललिता व सविता; लखीसराय के अशोकधाम मंद‍िर में प्रवेश से पहले भगदड़ ने छीनी सांसें

Published: Mon, 17 Aug 2026 11:54 AM (IST)

Lakhisarai Ashokdham Temple Stampede लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भगदड़ मचने से सात महिलाओं की ...और पढ़ें

लखीसराय अशोकधाम में मन्नत मांगने गई एक ही घर की 3 गोतनियों की मौत; करंट की अफवाह से मची भगदड़ में उजड़ गया परिवार

लखीसराय अशोकधाम में मन्नत मांगने गई एक ही घर की 3 गोतनियों की मौत; करंट की अफवाह से मची भगदड़ में उजड़ गया परिवार 

HighLights

  1. अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भगदड़ से हादसा।

  2. हलसी के प्रतापपुर गांव की तीन गोतनियों की दर्दनाक मौत।

  3. करंट की अफवाह के कारण मची भगदड़ में गई जान।

जागरण संवाददाता, लखीसराय। सावन के तीसरे सोमवार पर लखीसराय स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर अशोकधाम मंदिर में हुए हृदयविदारक हादसे ने कई परिवारों को कभी न भरने वाले गहरे जख्म दिए हैं। भगदड़ में जान गंवाने वाली सात महिला श्रद्धालुओं में हलसी प्रखंड के प्रतापपुर गांव की तीन महिलाएं एक ही संयुक्त परिवार की थीं। इस भीषण त्रासदी में हेमलता देवी (55, पति सुरेंद्र यादव), ललिता देवी (50, पति गोरेलाल यादव) और सविता कुमारी (35, पति रणवीर यादव) की असमय मौत हो गई।

हेमलता देवी और सविता कुमारी सगी गोतनी थीं, जबकि ललिता देवी रिश्ते में उनकी चचेरी गोतनी लगती थीं। तीनों महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि की मन्नतें लेकर एक साथ घर से निकली थीं, लेकिन मंदिर के मुख्य गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले ही अनियंत्रित भगदड़ ने उनकी जिंदगी छीन ली।

lakhisarai ashokdham stampede 3 women from same family die (2)

करंट की अफवाह से मची भगदड़, भीड़ में दबकर तोड़ा दम

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की अल सुबह तीनों महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज्ज होकर पूरे उत्साह के साथ अशोकधाम के लिए रवाना हुई थीं। वे सावन की सोमवारी पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करने पहुंची थीं।

lakhisarai ashokdham stampede 3 women from same family die (3)

मंदिर के दक्षिणी द्वार पर श्रद्धालुओं का भारी दबाव था। इसी बीच अचानक भीड़ में 'बिजली का करंट फैलने' की अफवाह फैल गई। अफवाह सुनते ही कतार में खड़े लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इस बेकाबू भगदड़ के बीच तीनों महिलाएं संकरे रास्ते में बुरी तरह फंस गईं और दम घुटने व कुचले जाने से मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

Lakhisarai Ashokdham Stampede 3 Women from Same Family Die

एक साथ घर से निकलीं, एक साथ दुनिया को कह गईं अलविदा

तीनों महिलाओं के बीच केवल पारिवारिक नाता ही नहीं था, बल्कि आपस में गहरा स्नेह और अटूट प्रेम था। घर के हर सुख-दुख और धार्मिक अनुष्ठानों में वे हमेशा एक साथ रहती थीं। इसी गहरे जुड़ाव के चलते उन्होंने सावन के सोमवार पर साथ जाकर पूजा करने का फैसला किया था। नियति का क्रूर खेल ऐसा रहा कि जो तीन महिलाएं कुछ घंटे पहले हंसते-मुस्कुराते घर से निकली थीं, वे अब कभी वापस नहीं लौटेंगी।

Bihar Police Directives After Lakhisarai Ashokdham Stampede (2)

प्रतापपुर गांव में पसरा मातम, एक ही आंगन से उठेंगी तीन अर्थियां]

हादसे की खबर जैसे ही हलसी के प्रतापपुर गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा और कोहराम पसर गया। एक ही परिवार की तीन महिलाओं की एक साथ मौत की सूचना पर परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा।

गांव का हर शख्स स्तब्ध है और किसी को भी इस दर्दनाक हकीकत पर भरोसा नहीं हो रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही आंगन से एक साथ तीन अर्थियां उठने के मंजर की कल्पना मात्र से ही ग्रामीणों की आंखें नम हो जा रही हैं और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं।

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