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    खुद का बिजनेस, ₹60000 की मदद: लखीसराय की सभी पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा बिक्री केंद्र

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 04:53 PM (GMT+05:30)

    लखीसराय की सभी पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर् ...और पढ़ें

    लखीसराय की सभी पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा बिक्री केंद्र (AI Generated Image)

    लखीसराय की सभी पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा बिक्री केंद्र (AI Generated Image)

    HighLights

    1. लखीसराय की सभी पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा केंद्र।

    2. ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्थायी स्वरोजगार और वित्तीय सहायता।

    3. गांवों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    संवाद सहयोगी, लखीसराय। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और गांवों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लखीसराय जिले की सभी पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।

    बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका) ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत इस योजना की तैयारी शुरू कर दी है। जिला और प्रखंड स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

    प्रत्येक पंचायत में एक जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला सदस्य करेंगी। इससे महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सुधा डेयरी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

    जीविका सुधा बिक्री केंद्र के संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित लाभार्थियों को दुकान की आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए अधिकतम 60 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

    इस राशि से फर्नीचर, फ्रिज, डिस्प्ले रैक, बिजली व्यवस्था, साइनेज, परिवहन सहायता तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा सकेगी।

    इच्छुक एवं पात्र जीविका दीदियां जीविका पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित प्रखंड कार्यालय में आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 19 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

    जिले की प्रत्येक पंचायत में एक जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, स्थानीय बाजार को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। - अनिता कुमारी, डीपीएम, जीविका