लखीसराय में भूमिहीन परिवारों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक, 15 अगस्त तक बासगीत पर्चा देने की तैयारी
लखीसराय में 293 भूमिहीन परिवारों को 15 अगस्त तक बासगीत पर्चा मिलेगा, जिससे उन्हें जमीन का कानूनी अधिकार प्राप्त होगा। यह 'अभियान बसेरा-2' के तहत हो रह ...और पढ़ें

सत्यापन करने पहुंची प्रशासन की टीम
HighLights
लखीसराय के 293 भूमिहीन परिवारों को मिलेगा जमीन का हक।
15 अगस्त तक 'अभियान बसेरा-2' के तहत बासगीत पर्चा।
प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। स्वतंत्रता दिवस पर जिले के 293 भूमिहीन परिवारों को अपने आशियाने का सबसे बड़ा तोहफा मिलने वाला है। राज्य सरकार ने 15 अगस्त तक अभियान बसेरा-2 के तहत सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।
इसके बाद इन परिवारों को न केवल जमीन का कानूनी अधिकार मिलेगा, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने सातों अंचलों के अंचलाधिकारियों (सीओ) को युद्धस्तर पर जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया है। कई अंचलों में उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं।
अब चयनित भूमि का अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार के नेतृत्व में भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं हो।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अभियान की सबसे बड़ी चुनौती ऐसे गांवों में सरकारी जमीन उपलब्ध कराना है, जहां वर्षों से भूमिहीन परिवार आम गैरमजरुआ अथवा अन्य सरकारी भूमि पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ऐसे मामलों में भूमि का सीमांकन, अभिलेखों का मिलान और मौके का सत्यापन कर ही अंतिम स्वीकृति दी जा रही है।
पहले चरण में 414 परिवारों को मिल चुका है मालिकाना हक
जिले में अभियान बसेरा-2 के तहत कुल 1,164 भूमिहीन परिवारों का सर्वे कराया गया था। इनमें से जून 2026 तक 414 परिवारों को बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जा चुका है।
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अब शेष पात्र परिवारों में से 293 परिवारों को 15 अगस्त तक पर्चा देने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
सूर्यगढ़ा अंचल में सबसे अधिक 81 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि पिपरिया में सबसे कम 20 परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
सात अंचलों में तय किया गया लक्ष्य
| अंचल | लक्ष्य (परिवार) |
|---|---|
| लखीसराय | 40 |
| बड़हिया | 36 |
| सूर्यगढ़ा | 81 |
| पिपरिया | 20 |
| रामगढ़ चौक | 36 |
| हलसी | 40 |
| चानन | 40 |
| कुल | 293 |
सत्यापन के बाद ही मिलेगा पर्चा
प्रशासन का कहना है कि इस बार केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर पर्चा नहीं दिया जाएगा। जिस जमीन पर बंदोबस्ती की जाएगी, उसका राजस्व अभिलेखों से मिलान, स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
उद्देश्य यह है कि भविष्य में लाभार्थियों को किसी प्रकार के अतिक्रमण, स्वामित्व विवाद या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले के कई अंचलों में राजस्व कर्मी, अंचल निरीक्षक और अंचलाधिकारी लगातार गांवों का दौरा कर सरकारी जमीन का सीमांकन कर रहे हैं। जहां पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां वैकल्पिक भूखंडों की तलाश भी की जा रही है।
आवास योजनाओं का भी मिलेगा लाभ
राजस्व अधिकारियों के अनुसार बासगीत पर्चा मिलने के बाद पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अन्य आवासीय योजनाओं के लिए भी पात्र हो जाएंगे।
इससे वर्षों से झोपड़ियों और अस्थायी आवासों में रहने वाले परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने अभियान बसेरा-2 के तहत जिले के 293 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी अंचलाधिकारियों को सरकारी जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया है। कई अंचलों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और चयनित भूमि का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। 15 अगस्त से पहले भूमि चयन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सभी पात्र परिवारों को बासगीत पर्चा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। -राहुल कुमार, डीसीएलआर, लखीसराय