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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन में लखीसराय जिले का पिपरिया अंचल फिसड्डी, अब CO पर होगी कार्रवाई

    Updated: Thu, 03 Apr 2025 08:07 PM (GMT+05:30)

    लखीसराय जिले के पिपरिया अंचल में दाखिल-खारिज के मामलों में लापरवाही बरतने पर सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय मंत्री संजय सरावगी ने राज्य स्तर ...और पढ़ें

    लैंड म्यूटेशन में लखीसराय जिले का पिपरिया अंचल फिसड्डी, अब CO पर होगी कार्रवाई
    लैंड म्यूटेशन में लखीसराय जिले का पिपरिया अंचल फिसड्डी, अब CO पर होगी कार्रवाई

    संवाद सहयोगी, लखीसराय। सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राजस्व सेवाओं का निरंतर अनुश्रवण एवं समीक्षा मुख्यालय स्तर से की जा रही है। जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने भी अपने एजेंडे में राजस्व विभाग को रखा है।

    जिले की खराब रैंकिंग में सुधार लाने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत कार्य शुरू किया है, लेकिन इससे पहले विभाग के मंत्री संजय सरावगी द्वारा राज्य स्तर पर सभी जिलों के अंचलवार दाखिल खारिज की प्रगति की समीक्षा में लखीसराय जिले के पिपरिया अंचल राज्य में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अंचल में टॉप में शामिल है।

    विभागीय मंत्री ने खराब प्रदर्शन करने वाले सीओ के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है, जबकि जिले के हलसी अंचल की महिला सीओ का प्रदर्शन बेहतर रहा है। राज्य स्तर पर दाखिल खारिज मामलों के निष्पादन में हलसी चौथे स्थान पर रहा, जबकि बड़हिया अंचल का नौवां स्थान रहा।

    जिले के बाकी अंचलों की प्रगति काफी धीमा पाई गई। विभाग ने दाखिल खारिज के प्राप्त आवेदनों के आधार पर उसके निष्पादन और रद आवेदनों की समीक्षा के आधार पर प्रगति रिपोर्ट जारी की है। जिले में अबतक कुल सात अंचलों में दाखिल खारिज के एक लाख आठ हजार 141 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 68,717 आवेदनों का निष्पादन किया गया। 37,835 आवेदनों को सीओ द्वारा रिजेक्ट किया गया। 1,589 आवेदन अभी भी लंबित है।

    पिपरिया अंचल के सीओ की कार्यप्रणाली कठघरे में

    जिले के पिपरिया अंचल में वर्ष 2017-18 से 2024-24 समाप्ति तक दाखिल खारिज के कुल 2,966 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें सीओ द्वारा मात्र 1360 आवेदनों का निष्पादन किया। 1,562 आवेदनों को कतिपय कारणों से रद कर दिया गया। यानी सीओ ने रैयतों के प्राप्त आवेदन के निष्पादन से अधिक आवेदन को रद कर दिया।

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    विभाग ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। बताया जाता है रैयतों द्वारा वैध कागजात आवेदन के साथ नहीं देने एवं अन्य कतिपय कारणों से आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है।

    पिपरिया सीओ के अनुसार, मात्र 44 आवेदन लंबित है जिसमें छह आवेदन का 35 दिन से अधिक समय बीत गया है और 22 ऐसे आवेदन हैं जिनकी अवधि 75 दिन से अधिक हो गई है।

    राजस्व सेवाओं का समय पर निष्पादन करने का निर्देश सभी सीओ को दिया गया। इसकी साप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। खासकर दाखिल खारिज मामलों में सीओ को स्पष्ट निर्देशित दिया हुआ है कि कोई भी आवेदन बिना किसी कारण अस्वीकृत नहीं करें। निर्धारित समय पर दाखिल खारिज का निबटारा करें। जिन अंचलों का खराब प्रदर्शन है उसमें सुधार लाया जाएगा। -  सुधांशु शेखर, अपर समाहर्ता, लखीसराय

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