यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार सख्त, इन अफसरों पर गिरेगी गाज; अंचलों की बन गई लिस्ट
बिहार सरकार ने भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। दाखिल-खारिज मामलों में लापरवाही बर ...और पढ़ें

HighLights
- सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई करें: संजय सरावगी
- 10-10 सबसे खराब और सबसे अच्छे अंचलों की हुई पहचान
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री संजय सरावगी ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह तथा सचिव जय सिंह भी मौजूद थे।
दाखिल-खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया।
मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है।
खराब प्रदर्शन में लखीसराय का पिपरिया अंचल सबसे ऊपर
बैठक में बताया गया कि प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है।
इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है। दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है, जहां दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है।
तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव (55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज (55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदनगंज (53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बरहरा (53.52%), सातवें पर अररिया का जोकीहाट (52.38%), आठवें पर मधुबनी का जयनगर (50.30%), नौवें पर खगड़िया का बेलदौर (50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है।
सबसे अच्छा प्रदर्शन
कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यहां कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को ही अस्वीकृत किया गया है। दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय (7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी (8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां (9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल (9.54%)।
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छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर (9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल (9.71%), आठवें पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी (10.26%), नौवें पर लखीसराय का बरहिया (10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल (11.06%) है।
अपना नम्बर डालें
मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये। सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का न डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें।