DM शैलेन्द्र कुमार का आदेश फाइलों में कैद, लखीसराय शहर की सड़कों पर अतिक्रमण का राज
लखीसराय में जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे है और अतिक्रमण अभियान शुरू नहीं हुआ है। ...और पढ़ें

डीएम का आदेश फाइलों में कैद, लखीसराय शहर की सड़कों पर अतिक्रमण का राज
HighLights
डीएम के आदेशों के बावजूद अतिक्रमण अभियान शुरू नहीं।
शहर की सड़कें अवैध कब्जों से संकरी, जाम की समस्या।
प्रशासन श्रावणी मेले में व्यस्त, ट्रैफिक व्यवस्था बेहाल।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश, नगर परिषद की कार्ययोजना और पुलिस बल उपलब्ध कराने के आदेश के बावजूद लखीसराय शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे है। 14 जुलाई को जारी जिलाधिकारी के आदेश के 15 दिन बाद भी न तो अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ और न ही फुटपाथ खाली कराए गए।
नतीजतन शहर की मुख्य सड़कें अवैध कब्जे में हैं और लोग रोजाना जाम, अतिक्रमण और अव्यवस्था की मार झेलने को मजबूर हैं।
बुधवार को दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि जिला प्रशासन द्वारा शहर में सुचारू यातायात, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने, व्यावसायिक वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग का समय तय करने और भारी वाहनों की शहर में प्रवेश व्यवस्था को लेकर कई आदेश जारी किए गए थे।
इन आदेशों के अनुपालन की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर कहीं दिखाई नहीं देता।
विद्यापीठ चौक से समाहरणालय तक सड़क पर कब्जा
शहर के विद्यापीठ चौक से लेकर जमुई मोड़, समाहरणालय, बाजार क्षेत्र और प्रमुख मार्गों तक फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा बना हुआ है। कई स्थानों पर दुकानें सड़क तक फैल गई हैं, जिससे सड़क संकरी हो गई है।
वाहन रेंगते नजर आते हैं और पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगे सीमित संख्या के होमगार्ड जवान भी दिनभर वाहनों की भीड़ के बीच जूझते दिखाई दिए।
धावा दल बना, लेकिन अभियान शुरू नहीं हुआ
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने नौ जुलाई को शहर में दो पालियों में नियमित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के लिए धावा दल के गठन का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा था।
खबरें और भी
इसके बाद जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने 14 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर धावा दल के लिए प्रतिदिन स्थायी पुलिस बल और ट्रैफिक पुलिस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, ताकि अभियान नियमित रूप से चल सके, लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद अब तक न तो धावा दल सक्रिय हुआ और न ही किसी बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो सकी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिलाधिकारी के आदेश का पालन क्यों नहीं कराया गया।
श्रावणी मेला में व्यस्त प्रशासन, शहर बेहाल
पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि जिला प्रशासन का पूरा फोकस फिलहाल श्रावणी मेला की तैयारियों पर है। दूसरी ओर, बाईपास आरओबी क्षतिग्रस्त होने के कारण पहले से ही भारी वाहनों का परिचालन प्रभावित है। ऐसे में सावन के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की बढ़ती आवाजाही से शहर में जाम की समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
व्यापारिक संगठनों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और अतिक्रमण के मुद्दे पर कोई प्रभावी पहल नहीं दिखाई दे रही है।
शहर में दो पालियों में अतिक्रमण हटाने के लिए धावा दल का गठन कर पुलिस बल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया था। फिलहाल श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जा रहा है। इसके बाद अभियान को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रभात रंजन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद लखीसराय