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    लखीसराय समाहरणालय घेरने पहुंचे छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प, पथराव के बाद ताबड़तोड़ लाठीचार्ज से फैला तनाव

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 01:45 PM (GMT+05:30)

    लखीसराय में विपक्षी छात्र संगठनों के विरोध मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। समाहरणालय गेट पर रोके जाने पर उग्र भीड़ ने ...और पढ़ें

    लखीसराय में प्रदर्शनकारियों ने दिया धरना।

    लखीसराय में प्रदर्शनकारियों ने दिया धरना।

    HighLights

    1. विपक्षी छात्र संगठनों का विरोध मार्च हिंसक हुआ।

    2. पुलिस ने समाहरणालय गेट पर प्रदर्शनकारियों को रोका।

    3. पथराव के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।

    जागरण संवाददाता, लखीसराय। विपक्षी दलों के छात्र संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को लखीसराय शहर में निकाला गया विरोध मार्च समाहरणालय गेट के समीप पहुँचते ही हिंसक हो गया। उग्र भीड़ द्वारा पुलिस बल पर पथराव किए जाने और गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरातफरी और भगदड़ मच गई।

    तिरंगा लेकर निकले थे छात्र और कार्यकर्ता

    तय समय के अनुसार विभिन्न विपक्षी दलों के छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा झंडा लेकर शहर के केआरके हाई स्कूल मैदान में एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का समूह मुख्य सड़क से नया बाजार होते हुए समाहरणालय मोड़ (जमुई मोड़) की ओर बढ़ा। समाहरणालय मोड़ पर पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को गेट के पास ही रोक दिया।

    गेट पर रोकने पर उग्र हुए प्रदर्शनकारी

    पुलिस द्वारा रोके जाने से आक्रोशित भीड़ में शामिल कुछ असमाजिक तत्वों ने सुरक्षा बलों पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान सड़क किनारे खड़े कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। माहौल बेकाबू होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया, जिससे समाहरणालय मोड़ पर अफरातफरी मच गई और प्रदर्शनकारी भागने लगे।

    प्रशासन ने दी थी सशर्त अनुमति

    प्रशासन ने इस विरोध मार्च के लिए पहले से ही सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के आदेशानुसार मार्च को केवल केआरके मैदान से समाहरणालय गेट तक ही निकालने की सशर्त अनुमति मिली थी। समाहरणालय परिसर के भीतर प्रवेश पूरी तरह वर्जित था। इसके अलावा लाउडस्पीकर के प्रयोग पर रोक, शांतिपूर्ण संचालन और भड़काऊ नारेबाजी न करने की हिदायत दी गई थी, जिसका उल्लंघन किया गया।

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    सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम, ड्रोन से निगरानी

    प्रदर्शन को देखते हुए रामगढ़ चौक के सीओ और लखीसराय के राजस्व अधिकारी को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। लखीसराय व कवैया थाने की पुलिस के साथ अतिरिक्त महिला और पुरुष बल की तैनाती थी। पूरे इलाके की ड्रोन कैमरे और वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी की जा रही थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।