लखीसराय नीट फर्जीवाड़ा: 3 DSP के हाथ में कमान, सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करने के लिए STF एक्टिव
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच तेज कर दी है। लखीसराय में दर्ज तीन प्राथमिकियों ...और पढ़ें

3 DSP के हाथ में कमान, सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करने के लिए STF एक्टिव
HighLights
ईओयू ने नीट-यूजी फर्जीवाड़ा जांच तेज की।
आठ भूमिगत मूल परीक्षार्थियों की तलाश जारी है।
तीन डीएसपी स्तर के अधिकारी जांच संभाल रहे हैं।
जागरण संवाददाता, लखीसराय। नीट-यूजी पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के हाथ में आने के बाद जांच तेज हो गई है। लखीसराय के किऊल और कबैया थाना में दर्ज तीन अलग-अलग प्राथमिकी की जांच अब तीन डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने संभाल ली है।
तीनों अधिकारियों ने केस का प्रभार लेकर जांच शुरू कर दी। सबसे पहले जांच का फोकस उन नौ मूल परीक्षार्थियों पर है, जिनकी जगह साल्वर परीक्षा देने पहुंचे थे।
सूत्रों के अनुसार, नौ में से नालंदा के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खपुरा निवासी संजीत कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है, जबकि प्रभात अमन, शुभम कुमार वर्मा, निशांत सिंह, मधुप्रिया, अक्षत दुबे, निरंजन, नंदनी राज और राहुल कुमार सिंह फिलहाल भूमिगत बताए जा रहे हैं।
जांच टीम इनके स्थायी पते, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तलाश में जुट गई है। संबंधित मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को भी नोटिस भेजकर उपस्थिति एवं शैक्षणिक रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जा रहा है।
ईओयू ने जांच का दायरा केवल लखीसराय तक सीमित नहीं रखा है। 21 जून को पुनर्परीक्षा के दिन पटना, गया, दरभंगा, पावापुरी, एनएमसीएच सहित कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों से कुछ छात्रों की अनुपस्थिति की भी पड़ताल की जा रही है।
आशंका है कि इनमें से कुछ छात्र सॉल्वर के रूप में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे हो सकते हैं। इस पूरे नेटवर्क की जांच के लिए ईओयू ने एसटीएफ का गठन करके सक्रिय किया है।
सूत्रों के अनुसार, किऊल थाना में दर्ज केंद्रीय विद्यालय केंद्र के मामले तथा कबैया थाना में दर्ज हसनपुर हाई स्कूल और केआरके हाई स्कूल केंद्र से जुड़े मामलों की जांच क्रमशः डीएसपी डीएसपी महेश चौधरी, मिथिलेश जायसवाल एवं अशोक कुमार कर रहे हैं।
जांच टीम बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया, केंद्रवार जिम्मेदारी, स्थानीय नेटवर्क, निगरानी व्यवस्था और संबंधित शैक्षणिक दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही हैं।
ईओयू के जांच पदाधिकारी का मानना है कि मूल परीक्षार्थी के सत्यापन के बाद जांच आसान हो जाएगी। साथ ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों से परीक्षा के दिन अनुपस्थित छात्रों की जानकारी मिलने पर यह ज्ञात होगा कि बिहार के कितने जिले के कितने केंद्रों पर सॉल्वर ने परीक्षा दी थी।
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