NEET UG फर्जीवाड़ा: EOU की रिमांड पर 7 आरोपी, 9 जुलाई को पटना में खुलेंगे बड़े राज
नीट यूजी-2026 परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को लखीसराय कोर्ट से बड़ी सफलता मिली है, जहां कबैया थाना कांड संख्या 245/26 के सात ...और पढ़ें

आरोपियों को लेकर जाती पुलिस। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, लखीसराय। नीट यूजी-2026 परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को जांच आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है।
लखीसराय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने मंगलवार को कबैया थाना कांड संख्या 245/26 में गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर लेने की अनुमति प्रदान कर दी है।
अदालत के आदेश के अनुसार ईओयू की टीम 9 जुलाई को आरोपितों को रिमांड पर लेकर पटना जाएगी, जहां उनसे डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन के डाटा और कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) के आधार पर गहन पूछताछ की जाएगी। यह मामला केआरके हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से संबंधित है।
आरोप है कि मूल परीक्षार्थी प्रभात अमन के स्थान पर मुजफ्फरपुर निवासी एवं एएनएमएमसीएच, गया के चतुर्थ वर्ष के छात्र विवेक कुमार परीक्षा देते हुए पकड़े गए थे।
10 आरोपी, 7 गिरफ्तार
इस मामले में केंद्राधीक्षक विनय कुमार के बयान पर कबैया थाना में कांड संख्या 245/26 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में 10 नामजद तथा अन्य अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।
इस कांड में वर्तमान में सात आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। इनमें कथित साल्वर विवेक कुमार, सहयोगी अर्पित सिंह, बायोमीट्रिक कर्मी राकेश कुमार, अंकित कुमार, सुपरवाइजर विशाल कुमार, मोहित कुमार तथा सुदर्शन कुमार शामिल हैं।
ईओयू इन सभी से रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ कर परीक्षा फर्जीवाड़े के नेटवर्क, बायोमीट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों, आर्थिक लेन-देन तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
हालांकि, इसी फर्जीवाड़े से जुड़े कबैया एवं किऊल थाना में दर्ज अन्य दो मामलों में रिमांड संबंधी आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल ईओयू केवल कबैया थाना कांड संख्या 245/26 में गिरफ्तार आरोपितों से ही पूछताछ कर सकेगी।
नेटवर्क का होगा खुलासा
जांच एजेंसी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली, मास्टरमाइंड की भूमिका और राज्य के बाहर तक फैले संभावित नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
उधर, मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित रवि उर्फ रवि शंकर उर्फ सम्राट तथा उसकी पत्नी मधुप्रिया ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। वहीं, न्यायिक हिरासत में बंद सुपौल निवासी हिमांशु कुमार, मधुबनी निवासी रौशन कुमार, गिरिडीह निवासी पूनम कुमारी तथा नवादा निवासी बायोमीट्रिक कर्मी अदिति कुमारी ने नियमित जमानत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इन याचिकाओं पर न्यायालय के आदेश के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।