बिहार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना: ग्रेजुएट बेटियों को जल्द मिलेंगे 50-50 हजार, 15 मई तक अपलोड होगा डेटा
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के लिए डेटा अपलोड की अंतिम तिथि 15 मई तय की गई है। ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बेटियों को जल्द मिलेगी 50 हजार की प्रोत्साहन राशि (AI Generated Image)

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, मधेपुरा। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना को लेकर नवनिर्मित पोर्टल पर छात्राओं का डेटा अपलोड करने की तिथि 15 मई निर्धारित कर दी गई है। जिसके तहत सभी विश्वविद्यालयों को निर्धारित तिथि तक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक एनके अग्रवाल ने भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय समेत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश जारी किया है।
विश्वविद्यालय क्षेत्र अंतर्गत के महाविद्यालयों का नाम, संचालित पाठ्यक्रम तथा दिसंबर 2025 तक स्नातक उत्तीर्ण सभी छात्राओं का परीक्षाफल नए पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
पत्र में कुलसचिव को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 15 मई तक यह प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर ली जाए। इसके साथ ही पूर्व में किसी कारणवश छूटे हुए परीक्षाफल तथा सरकार से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों को भी पोर्टल पर शामिल करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी पात्र छात्रा का नाम सूची से बाहर न रह जाए।
क्या है योजना?
- बिहार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- योजना की शुरुआत अप्रैल 2018 में की गई थी। जिसका उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
- योजना के प्रभाव से राज्य में बड़ी संख्या में छात्राएं स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित हुई है।
पोर्टल तथा वेबसाइट पर जारी सूचना का इंतजार करें छात्राएं:
बीएनएमयू में इस वर्ष लगभग 20 हजार छात्राओं का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। बीएनएमयू प्रशासन इसके लिए तैयारी में जुटा हुआ है। नोडल कार्यालय के सहायक शुभम कुमार राज ने बताया कि सभी आवश्यक सूचनाएं एकत्रित कर पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
इसके बाद तैयार पीडीएफ सूची विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्राएं आसानी से अपना नाम देख सके। छात्राओं को अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं है।
किसी छात्रा का नाम सूची में नहीं आता है, तभी वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं। छात्राओं से अपील की गई कि वह पोर्टल तथा वेबसाइट पर जारी सूचना का इंतजार करें।
बिहार में महिला शिक्षा की तस्वीर बदलने का है एक बड़ा माध्यम : डॉ. सारंग
इस बाबत बीएनएमयू के पूर्व रिसर्च स्कालर डॉ. सारंग तनय ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बिहार में महिला शिक्षा की तस्वीर बदलने का एक बड़ा माध्यम है।
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उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर पर 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि छात्राओं के लिए एक बड़े इंसेंटिव के रूप में काम करती है। जिससे उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ी है और ड्रॉपआउट रेट में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि डेटा अपलोड करने के लिए सख्त डेडलाइन तय करना यह दर्शाता है कि सरकार अब लालफीताशाही को खत्म कर सीधे लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।