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    बिहार में पंचायत चुनाव की कवायद तेज, 4 मई से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया; 18 मई लास्ट डेट

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 01:40 PM (IST)

    बिहार में आगामी पंचायत चुनाव 2026 की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। ...और पढ़ें

    बिहार में पंचायत चुनाव की कवायद तेज, 4 मई से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया

    बिहार में पंचायत चुनाव की कवायद तेज, 4 मई से शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया

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    संवाद सूत्र, कुमारखंड (मधेपुरा)। आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारी अब तेज हो गई है। प्रखंड स्तर पर चुनावी गतिविधियां तेजी से जमीन पर उतरती दिख रही है।

    पारदर्शी और सुगम चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए इस बार अधिकांश कार्यों को डिजिटल माध्यम से संपन्न कराने की योजना बनाई गई है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और त्रुटिरहित भी बनेगी।

    राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रारूप का प्रकाशन 27 अप्रैल को कर दिया गया है। कुमारखंड प्रखंड की कुल 21 पंचायतों के 184 वार्डों में इस प्रारूप का प्रकाशन किया गया है।

    यह प्रकाशन चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित होती है। जिला परिषद सदस्य पद से संबंधित प्रपत्र प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय तथा जिला पदाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराए गए हैं।

    वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्य पद के लिए संबंधित प्रपत्र ग्राम पंचायत कार्यालयों एवं प्रखंड कार्यालय में प्रदर्शित किए गए हैं।

    पांच जून को होगा प्रारूप का अंतिम प्रकाशन

    प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मनीषा कुमारी ने बताया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रपत्र-1 को राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है, जिससे आम नागरिक घर बैठे भी जानकारी प्राप्त कर सकें।

    प्रारूप के प्रकाशन के साथ ही दावा-आपत्ति प्रक्रिया प्रारंभ होनी थी, लेकिन समय में बदलाव के कारण अब यह प्रक्रिया चार मई से शुरू की जाएगी। दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 18 मई निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान मतदाता अपने क्षेत्र से संबंधित किसी भी त्रुटि या आपत्ति को दर्ज करा सकते हैं।

    प्रपत्र-1 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या को अलग-अलग दर्शाया गया है, जबकि अन्य सभी वर्गों की जनसंख्या को समेकित रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे आरक्षण निर्धारण एवं निर्वाचन क्षेत्र के गठन में स्पष्टता बनी रहेगी।

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    यहां प्रस्तुत कर सकेंगे दावा-आपत्ति

    मतदाता अपना दावा-आपत्ति संबंधित बीडीओ, एसडीओ व अन्य अधिकृत पदाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन जमा करते समय पावती रसीद अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

    बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी प्रियदर्शी राजेश पायरट ने जानकारी देते हुए बताया कि दावा-आपत्ति का निष्पादन 4 से 22 मई तक, अपील वादों का निष्पादन 11 मई से 29 मई के बीच किया जाएगा। सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन पांच जून को किया जाएगा।