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    मिड-डे-मील में छिपकली: मधेपुरा में खिचड़ी खाने के बाद 40 बच्चे बीमार, रसोइया ने झाड़ी में फेंका खाना

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 10:39 PM (IST)

    मधेपुरा के गम्हरिया प्रखंड के एक स्कूल में मिड-डे-मील में छिपकली मिलने से 40 छात्र बीमार पड़ गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अधिकांश ठीक ...और पढ़ें

    अस्पताल में भर्ती छात्र। फोटो जागरण

    अस्पताल में भर्ती छात्र। फोटो जागरण

    HighLights

    1. मिड-डे-मील में छिपकली मिलने से 40 छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए।

    2. सभी बीमार बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहेश्वर में भर्ती कराया गया।

    3. अभिभावकों ने विद्यालय में बवाल काटा, शिक्षकों को छिपना पड़ा।

    संवाद सूत्र, सिंहेश्वर/गम्हरिया (मधेपुरा)। गमहरिया प्रखंड के जागीर टोला मध्य विद्यालय में शनिवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद 40 छात्र-छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मध्याह्न भोजन में छिपकली गिरा हुआ था। जिसे खाने के बाद बच्चों को सिरदर्द, पेट दर्द, गले में जलन और उल्टी की शिकायत होने लगी।

    स्थिति बिगड़ता देख शिक्षकों ने सभी बीमार बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंहेश्वर में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों की टीम ने सभी का उपचार किया।

    सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में डा. अर्चना कुमारी, जीएनएम पल्लवी पायल, एएनएम कृति प्रिया, मीरा कुमारी, फार्मासिस्ट अनिल कुमार एवं कृष्ण कुमार की टीम ने सभी बच्चों का उपचार किया गया।

    करीब तीन घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई तो लोगाें ने राहत की सांस ली। हालांकि दो बच्चों का अभी भी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।

    उपचार के दौरान छात्रा मधु कुमारी, पल्लवी कुमारी, कल्पना कुमारी और प्रीति कुमारी की हालत अपेक्षाकृत गंभीर बताई गई। हालांकि चिकित्सकों की तत्परता से उपचार के बाद सभी बच्चों की स्थिति में सुधार हुआ और उक्त चारों को भी खतरे से बाहर बताया गया।

    वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि विषाक्त भोजन खाने से करीब 40 बच्चे अस्पताल पहुंचे थे। सभी का तत्काल उपचार किया गया। चिकित्सकीय निगरानी के बाद सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं।

    अभिभावकों ने विद्यालय में काटा बवाल, वर्ग कक्ष में छिपे शिक्षक

    बच्चों के बीमार होने की सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक और स्कूल प्रबंधन से जुडे समिति के विरोध में नारेबाजी की। ग्रामीणों का आक्रोश देख विद्यालय के शिक्षक एक वर्ग कक्ष में छिपकर बैठ गये और अंदर से गेट लगा लिए। पुलिस प्रशासन के पहुंचने पर वर्ग कक्ष में बंद शिक्षकों सुरक्षित विद्यालय परिसर से निकला गया।

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    बच्चों को बीमार देख बचा हुआ भोजन झाड़ी में फेंक रसोईया ने साफ किया बर्तन

    ग्रामीण अजय यादव, सुनील यादव, मुन्ना शर्मा, सुनील शर्मा, गुड्डू यादव, अशोक मेहता, मनोज शर्मा आदि ने बताया कि जब विद्यालय में बच्चों की चीख पुकार सुनी तो हमलोग यहां पहुंचे। बच्चे जमीन पर लेट रहे थे। तुरंत सभी को एंबुलेंस और स्थानीय स्तर पर निजी वाहन के मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    अजय यादव ने बताया कि हमलोग बच्चों को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। उधर, रसोईया बचा हुआ भोजन को झाडी में फेंक कर बर्तन धोने में मशगूल थी। उन्होंने बताया कि यहां रसोईया के तौपर पर रानी कुमारी, पिंकी कुमारी और चन्द्रशेखर शर्मा कार्यरत हैं। तीनों रसोईया विद्यालय छोड़कर चले गए।

    नित्य दिन की भांती दोपहर का भोजन तैयार कर परोसा गया। भोजन खाने के उपरांत बच्चे बीमार होने लगे। लगभग 40 बच्चे बीमार पड़ गए, उपचार के बाद सभी सुरक्षित है। केवल दो बच्चे मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। -निर्मल कुमार, प्रधानाध्यापक।

    मध्याह्न भोजन खाने के उपरांत बीमार हुए सभी बच्चे उपचार के बाद सुरक्षित हैं। बच्चों से पूछताछ के दौरान बताया कि खिचड़ी में छिपकली का पूंछ थाली में पाया गया। इस बाबत प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। लापरवाह रसोईया के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार बच्चों के बीच भाेजन पड़ोसने से पहले चखना है, इसमें भी लापरवाही हुई है। - नवलकिशोर सिंह, बीईओ, गम्हरिया।