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नेपाल में प्रलय के बाद बिहार के आलमनगर और चौसा में अलर्ट, कोसी नदी के जलस्तर पर टिकी निगाहें

Published: Fri, 28 Aug 2026 02:40 PM (IST)

नेपाल में प्रलय के बाद मधेपुरा के चौसा और आलमनगर में कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका से ...और पढ़ें

नेपाल में प्रलय के बाद बिहार के आलमनगर और चौसा में अलर्ट, कोसी नदी के जलस्तर पर टिकी निगाहें

नेपाल में प्रलय के बाद बिहार के आलमनगर और चौसा में अलर्ट, कोसी नदी के जलस्तर पर टिकी निगाहें

HighLights

  1. नेपाल में प्रलय के बाद कोसी नदी पर भय का माहौल।

  2. चौसा, आलमनगर में बाढ़ की आशंका से लोग सतर्क।

  3. प्रशासन ने आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कीं।

संवाद सूत्र, आलमनगर/चौसा (मधेपुरा)। नेपाल में आई प्रलय के बाद कोसी नदी के मुहाने पर बसा जिले के चौसा व आलमनगर प्रखंड इलाके के लोगों में भय का माहौल है। हालांकि अभी क्षेत्र में बाढ़ का कोई असर नहीं दिख रहा है और गांवों में सामान्य स्थिति बनी हुई है, लेकिन कोसी नदी व सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को लेकर लोग अलर्ट मोड में हैं।

नेपाल में बाढ़ की स्थिति और बराज से पानी छोड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों की निगाहें लगातार कोसी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। आलनगर प्रखंड अंतर्गत हरजोरा घाट पर कटाव तेज हो चुका है। पानी के तेज बहाव को लेकर तत्काल काटवरोधी कार्य को रोक दिया गया है।

वहीं, चौसा प्रखंड के फुलौत और मोरसंडा इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कोसी की बाढ़ का दंश झेल चुके फुलौत-मोरसंडा इलाके के लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई तो आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में करीब 30 हजार आबादी वाले गांवों के लोग पहले से ही संभावित स्थिति को लेकर सतर्क हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ के मौसम में इस इलाके के लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सबसे पहले मवेशियों की सुरक्षा और चारे की व्यवस्था को लेकर परेशानी शुरू हो जाती है, इसलिए पशुपालक और ग्रामीण संभावित स्थिति को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर ध्यान दे रहे हैं।

फुलौत पश्चिमी पंचायत के सपनी मुसहरी, घसकपुर वासा, पंदही वासा, झंडापुर वासा, तियर टोला और नवटोलिया सहित कई गांवों के लोग संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर सतर्क हैं।

वहीं, फुलौत पूर्वी पंचायत के बड़ी खाल, बरबिघी, पिहोरा वासा, करैल वासा और नवटोलिया के साथ-साथ मोरसंडा पंचायत के परवत्ता टोला, श्रीपुर वासा, रामचरण टोला, मोरसंडा गोठ, अमनी वासा, कदवा वास और करैलिया मुसहरी के लोग भी कोसी नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ की स्थिति में मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ता है। साथ ही पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की व्यवस्था भी चुनौती बन जाती है। कई बार लोगों को महीनों तक बाढ़ की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन भी संभावित स्थिति को लेकर तैयार : सीओ चौसा

चौसा के सीओ उदय कांत मिश्र ने बताया कि फिलहाल गांवों में बाढ़ की स्थिति नहीं है और पानी का कोई प्रभाव गांवों के अंदर नहीं है। हालांकि संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। जरूरत पड़ने पर 30 सरकारी नावों के परिचालन के लिए परमिट उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा मित्रों को भी तैयार रखा गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन नेपाल में आई भीषण बाढ़ और कोसी नदी के जलस्तर को लेकर चौसा प्रखंड के कोसी कछार पर बसे गांवों के लोग सतर्क हैं।

आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर की स्थिति पर ग्रामीणों के साथ-साथ प्रशासन की भी लगातार नजर बनी हुई है।

आलमनगर में भी प्रशासन है मुस्तैद : अंचलाधिकारी

कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार कोसी नदी से सटे इलाकों में प्रशासन का नजर बना हुआ है।

आलमनगर के अंचलााधिकारी अंकेश कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर फिलहाल सामान्य है किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ऊंचे स्थलों का चयन किया गया है ताकि आपात स्थिति में सामुदायिक रसोई चलाया जा सके।

इसे लेकर वेंडर को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है, ताकि बाढ़ आने के बाद तीन से चार घंटे में समुदाय किचन के साथ-साथ अन्य सुविधा मुहैया कराया जा सके।

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