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    सपनों को मिली उड़ान : मधेपुरा के सुधांशु जाएंगे इसरो, URSC बेंगलुरु में मिलेगा प्रशिक्षण, पांच लाख में बनाई जगह

    Updated: Fri, 01 May 2026 09:10 AM (IST)

    मधेपुरा के जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र सुधांशु कुमार का चयन इसरो के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम-2026 के लिए हुआ है। वे बेंगलुरु स्थित यूआर र ...और पढ़ें

    सुधांशु कुमार : इसरो यूथ साइंटिस्ट प्रोग्राम-2026 के लिए चयनित, बढ़ाया बिहार का मान

    सुधांशु कुमार : इसरो यूथ साइंटिस्ट प्रोग्राम-2026 के लिए चयनित, बढ़ाया बिहार का मान

    HighLights

    1. सुधांशु कुमार का इसरो के युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम में चयन।

    2. बेंगलुरु के यूआरएससी केंद्र में मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान प्रशिक्षण।

    3. मधेपुरा जिले और बिहार के लिए गर्व का क्षण।

    संवाद सहयोगी, मधेपुरा। जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासन, सिंहेश्वर (मधेपुरा) के छात्र सुधांशु कुमार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम-2026 के लिए किया गया है। इस चयन के साथ ही उन्होंने न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे मधेपुरा जिले और बिहार का नाम रोशन किया है।

    लाखों में से चुनिंदा छात्रों में शामिल हुए सुधांशु

    इस वर्ष इसरो के युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम के लिए देशभर से लगभग साढ़े पांच लाख छात्रों ने आवेदन किया था। कठोर और बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद केवल 456 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इन चुनिंदा छात्रों में बिहार से मात्र 14 छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें मधेपुरा जिले से सुधांशु कुमार इकलौते चयनित छात्र हैं। यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाती है।

    इसरो के यूआरएससी केंद्र में मिलेगा प्रशिक्षण

    सुधांशु कुमार का चयन इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC), बेंगलुरु के लिए हुआ है। यहां वे 11 मई से 22 मई तक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों से जुड़ी बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। साथ ही वे देश के प्रमुख वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकेंगे और लैब में प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।

    अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ेगा गहन अनुभव

    इसरो का यह विशेष कार्यक्रम छात्रों को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इसमें चयनित छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान दिया जाता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक सोच विकसित करने का भी अवसर मिलता है। इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान, इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक करियर की ओर प्रेरित करते हैं।

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    बिहारीगंज के मोहनपुर के रहने वाले हैं सुधांशु

    सुधांशु कुमार मूल रूप से मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड स्थित मोहनपुर गांव के निवासी हैं। उनके पिता ललित शर्मा और माता किरण कुमारी हैं। परिवार में इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।

    विद्यालय में खुशी का माहौल

    सुधांशु के चयन की खबर मिलते ही जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासन में उत्साह का माहौल बन गया। शिक्षकों ने इसे विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। विद्यालय परिवार का कहना है कि साढ़े पांच लाख प्रतिभागियों के बीच चयन होना बेहद कठिन प्रक्रिया थी, जिसमें सुधांशु ने अपनी मेहनत और वैज्ञानिक रुचि के दम पर सफलता हासिल की है।

    शिक्षकों ने बताया मेहनत का परिणाम

    विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार सुधांशु शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और विज्ञान में गहरी रुचि रखने वाले छात्र रहे हैं। उनकी लगन और निरंतर अभ्यास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। शिक्षकों ने कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

    जिले के लिए गर्व का विषय

    सुधांशु कुमार की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा मधेपुरा जिला गौरवान्वित है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे छात्र भविष्य में देश के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती

    इसरो के युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम में सुधांशु कुमार का चयन यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। कड़ी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के दम पर कोई भी छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और मधेपुरा जिले का नाम विज्ञान के क्षेत्र में और ऊंचा करेगी।