मधेपुरा : देशभक्ति के नारों पर शिक्षकों को पीटा, भड़के ग्रामीणों ने पंचायत कर पीटने वालों को सुना दिया कठोर फैसला, Leave the village
मधेपुरा के भतखोरा गांव में गणतंत्र दिवस पर बच्चों की प्रभातफेरी रोकी गई। पीले कपड़े पर देशभक्ति नारे को लेकर तीन युवकों ने आपत्ति जताई और शिक्षकों से ...और पढ़ें

मधेपुरा में घटना के बाद वहां जुटे लोग। पुलिस भी वहां पहुंची।
HighLights
गणतंत्र दिवस प्रभातफेरी में पीले कपड़े पर विवाद हुआ।
तीन युवकों ने शिक्षकों से मारपीट की, तनाव बढ़ा।
पंचायत ने आरोपित युवकों को गांव छोड़ने का आदेश दिया।
संवाद सूत्र, मुरलीगंज (मधेपुरा)। मधेपुरा के मुरलीगंज प्रखंड के भतखोरा गांव में गणतंत्र दिवस पर एक निजी विद्यालय के बच्चों की प्रभातफेरी को रास्ते में रोक दिया गया। प्रभातफेरी में पीले रंग के कपड़े पर देशभक्ति के नारे लिखे हुए थे। इसे लेकर तीन युवकों ने आपत्ति जताई और कहा कि पीला रंग धार्मिक पहचान से जुड़ा है। इसे हरे कपड़े पर लिखा होना चाहिए।
विवाद के बाद तीनों युवकों ने दो शिक्षकों के साथ मारपीट की। इससे तनाव बढ़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा होने लगे। सूचना मिलने के बाद मुरलीगंज पुलिस सक्रिय हुई। गांव में पंचायत हुई। तीनों आरोपितों ने गलती स्वीकारी। पंचायत ने माफीनामा लिखवाकर इन्हें तत्काल गांव छोड़ने को कहा। युवकों ने इसे स्वीकार कर लिया। आरोपितों में दो गांव व एक अररिया जिले का रहने वाला है।
- आरोपित तीनों मुस्लिम युवक इस बात से थे नाराज कि नारे पीले कपड़े पर क्यों
- हरे कपड़े पर लिखने की बात कह की मारपीट, तनाव के बाद गांव वालों ने की बैठक
इससे पूर्व, पीड़ित पक्ष, आरोपितों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनी गई। शांति-व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति बनी। इसके बाद अररिया जिले के भटगामा वार्ड संख्या निवासी मु. सुलतान के पुत्र मु. मोजीब, मुरलीगंज थाना क्षेत्र के भतखोरा वार्ड संख्या सात सोनबरसा टोला निवासी मु. ररूफ आलम के पुत्र मु. शौकत और वार्ड संख्या नौ निवासी सदरे आलम के पुत्र मु. इरशाद को गांव छोड़कर जाने के लिए कहा गया है।
माफीनामा में अररिया निवासी मु. मोजीब ने लिखा है कि गांव छोड़कर जा रहा हूं, कभी वापस नहीं लौटूंगा। बाकी दोनों ने लिखा कि तत्काल वे गांव छोड़ रहे हैं। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि इन्हें जहां जाना है, चले जाएं। तीनों अगर लौटकर आए तो उनके अभिभावकों से संबंधित कोई भी निर्णय समाज ले सकता है।
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ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से तनाव टल गया है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है। घटना के बाद सदर एसडीएम संतोष कुमार व एएसपी प्रवेंद्र भारती भी मौके पर पहुंचे। भतखोड़ा पंचायत की मुखिया रानी सिंह के प्रतिनिधि रतन सिंह ने बताया कि समाज के लोगों ने बैठक कर युवकों को गांव छोड़ने का निर्णय सुनाया है। माहौल शांतिपूर्ण है।
पीले रंग के कपड़े पर लिखे गए राष्ट्रभक्ति नारे को लेकर विवाद की स्थिति सामने आने पर तत्काल स्थिति को संभाला गया। मैं स्वयं घटनास्थल पर पहुंचा था। ग्रामीणों ने आपस में बैठक कर मामला सुलझा लिया। किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
प्रवेंद्र भारती, एएसपी, मधेपुरा