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    मधेपुरा में मजदूरों ने रेलवे स्टेशन पर पटरी को ही बना दिया बिस्तर, भीषण गर्मी में मालगाड़ी के नीचे ही ली नींद

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 12:43 PM (GMT+05:30)

    मधेपुरा के बिहारीगंज रेलवे स्टेशन पर मजदूर भीषण गर्मी से बचने के लिए मालगाड़ी के नीचे सो रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। प्लेटफॉर्म पर श ...और पढ़ें

    मधेपुरा : बिहारीगंज रेलवे स्टेशन पर पटरी को बनाया बिस्तर, मालगाड़ी के नीचे सोते दिखे दर्जनों मजदूर

    मधेपुरा : बिहारीगंज रेलवे स्टेशन पर पटरी को बनाया बिस्तर, मालगाड़ी के नीचे सोते दिखे दर्जनों मजदूर

    HighLights

    1. बिहारीगंज स्टेशन पर मजदूर मालगाड़ी के नीचे सो रहे।

    2. भीषण गर्मी और शेड न होने से जान जोखिम में।

    3. ग्रामीणों ने रेलवे अधिकारियों से सुरक्षा उपाय मांगे।

    संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत बिहारीगंज रेलवे स्टेशन रैक प्वाइंट से सुरक्षा नियमों को तार-तार करती एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ रैक प्वाइंट पर काम करने वाले दर्जनों मजदूर भीषण गर्मी और थकान से बेहाल होकर किसी सुरक्षित स्थान के बजाय सीधे खड़ी मालगाड़ी की बोगियों के नीचे लेटकर चैन की नींद सो रहे हैं। अचानक मालगाड़ी के खुल जाने और किसी बड़े हादसे की आशंका से पूरी तरह बेखबर इन लाचार मजदूरों की टोली रोजाना दोपहर के वक्त इसी तरह मौत के साए में अपनी थकान मिटाती दिख रही है।

    प्लेटफॉर्म पर शेड न होने से झुलस रहे मजदूर, छांव के लिए लगा रहे जान की बाजी

    स्थानीय लोगों के अनुसार, बिहारीगंज स्टेशन के रैक प्वाइंट प्लेटफॉर्म पर रेलवे द्वारा अब तक यात्रियों और मजदूरों के बैठने या धूप से बचने के लिए किसी भी तरह के शेड की व्यवस्था नहीं की गई है। शेड नहीं होने के कारण आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के बीच लोडिंग-अनलोडिंग का भारी काम करने वाले मजदूर बुरी तरह थककर चूर हो जाते हैं और छांव की तलाश में भटकते हैं। थक हार कर इन मजदूरों को जहां थोड़ी भी छांव दिखाई देती है, वे वहीं लेट जाते हैं और इसी मजबूरी में वे मालगाड़ी के चक्कों के बीच पटरी पर ही सोकर आराम फरमाने लगते हैं।

    रेलवे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन, कभी भी हो सकता है बड़ा रेल हादसा

    भारतीय रेलवे के सख्त सुरक्षा नियमों और नियमावली के अनुसार, किसी भी यात्री या रेल कर्मी का खड़ी बोगियों अथवा मालगाड़ी के नीचे जाना या वहां बैठना पूरी तरह से वर्जित और दंडनीय अपराध है। बिहारीगंज रैक प्वाइंट पर चल रहा लापरवाही का यह खतरनाक खेल न केवल इन गरीब मजदूरों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है, बल्कि रेलवे प्रशासन के सुरक्षा दावों पर भी बड़े सवालिया निशान लगा रहा है। स्टेशन पर मूलभूत यात्री सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की घोर कमी के कारण ही मजदूर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन स्थानीय रेल अधिकारी इस पूरे मामले से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।

    मजदूरों की बेपरवाही और रेलवे की ढुलमुल व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिना किसी हॉर्न या पूर्व सूचना के मालगाड़ी अचानक ट्रैक पर आगे बढ़ गई, तो पटरियों पर सो रहे दर्जनों मजदूरों के चीथड़े उड़ जाएंगे और लाशों का ढेर लग जाएगा। स्थानीय जागरूक लोगों ने समस्तीपुर रेल मंडल के उच्च अधिकारियों से इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लेने और रैक प्वाइंट पर अविलंब आधुनिक शेड और पेयजल की व्यवस्था कराने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से मालगाड़ी के पास आरपीएफ (RPF) की तैनाती करने की मांग की गई है ताकि इन बेपरवाह मजदूरों को पटरियों से दूर रखा जा सके और किसी संभावित महा-दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके।

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