बिहार का पहला शिल्पग्राम अक्टूबर तक होगा तैयार; मिथिला पेंटिंग्स से सजेंगे घर, पूरे गांव में लगेगी सोलर लाइट
जितवारपुर, मधुबनी में बिहार का पहला शिल्पग्राम अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा। वस्त्र मंत्रालय और बिहार संग्रहालय के सहयोग से 9 करोड़ रुपये की लागत से बन र ...और पढ़ें

बिहार का पहला शिल्पग्राम हो रहा तैयार। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राजेश रंजन शशि, मधुबनी। बिहार का पहला शिल्पग्राम जितवारपुर का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। समय सीमा के अंदर गेस्ट हाउस भी बनकर तैयार हो जाएंगे। पूरे गांव में एक सप्ताह के अंदर 100 सोलर लाइट लगाने का लक्ष्य है।
उम्मीद है कि अक्टूबर में इसका उद्घाटन हो जाएगा। वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार तथा बिहार संग्रहालय, पटना के सहयोग से बिहार का पहला शिल्पग्राम जितवारपुर को विकसित किया जा रहा है। इस पर कुल 9 करोड़, दो हजार 470 रुपये खर्च होंगे।
सोमवार को शिल्पग्राम के नोडल पदाधिकारी सह बिहार म्यूजियम के उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार सिन्हा ने शिल्पग्राम के अंतर्गत होने वाले तमाम विकास कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि डाकबंगला के पास कामन फैसिलिटी सेंटर से सटे भवन में चार कमरे का गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य लिंटर तक पहुंच चुका है। गेस्ट हाउस में उच्च स्तरीय सुविधाएं होंगी।
हर कमरे में अलग-अलग शौचालय व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डाक बंगला के समीप 12 अलग-अलग स्टॉल तैयार हो रहे हैं।
डाकबंगला के बीच खाली जमीन की घेराबंदी कर उन्हें पक्का करने का काम शुरू हो चुका है। बरसात शुरू होने से पूर्व इन कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। प्रवेश द्वार के लिए जगह कर चयन हो गया है।
तमाम घरों पर उकेरी जाएगी मिथिला पेंटिंग
गांव में हरेक घरों की बाहरी दीवार पर मिथिला पेंटिंग उकेरी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से हर घर के बाहरी दीवारों की सफेद रंग से पोताई के साथ पेंटिंग का काम बरसात के बाद पूरा किया जाएगा।
घर में रहने वाले कलाकार खुद अपनी दीवारों पर पेंटिंग उकेरेंगे। गांव के राज्य पुरस्कृत कलाकार अमित कुमार झा, मदन झा, राजीव कुमार झा, विनोद पासवान, कमल नारायण कण॔, रंजीत पासवान, शिव कुमार पासवान आदि ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।
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उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार सिन्हा ने जितवारपुर गांव के सभी तीन तालाबों का भी मुआयना किया। गांव में तीन सरकारी तालाब विकसित होंगे। चारों ओर पेड़ लगाएं जाएंगे। तालाब को चारों तरफ से रंगीन ईंटों तथा पत्थरों से सजाया जाएगा। जितवारपुर गांव की सड़क को भी पक्का किया जाएगा।