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    बिहार में कुर्सी से खड़ा नहीं होने पर डॉक्टर से अभद्रता, ST आयोग के सदस्य संजय कुमार पर FIR  

    Updated: Sat, 23 May 2026 11:32 PM (GMT+05:30)

    मधुबनी में ट्रामा सेंटर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार आनंद ने राज्य अनुसूचित आयोग के सदस्य संजय कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। ...और पढ़ें

    बिहार में FIR। फाइल फोटो

    बिहार में FIR। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, मधुबनी। ट्रामा सेंटर एरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.अशोक कुमार आनंद ने नगर थाना में आवेदन देकर राज्य अनुसूचित आयोग के सदस्य संजय कुमार पर विभिन्न तरह का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। शनिवार की शाम विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है।

    डॉ अशोक ने आवेदन में बताया कि सर्किट हाउस में आयोग की टीम के साथ बैठक के लिए वे शुक्रवार को 11 बजे पहुंचे थे। बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम एवं बीएचएम को भी बुलाया गया था। सभी को ग्राउंड फ्लोर के मीटिंग हॉल में पहुंचे।

    आयोग के सदस्य संजय कुमार द्वारा सभी बीएचएम और बीसीएम को रूम से निकल जाने को कहा एवं सिर्फ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक होगी।

    कुर्सी से खड़े नहीं हुए थे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी 

    आयोग के सदस्य संजय कुमार सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से अपना परिचय देने को कहा। जब उनकी बारी आई, तो वे अपना परिचय देने को उठा तो कमर में अत्यधिक दर्द रहने के कारण मेज के सहारे उठकर अपना परिचय देने लगे।

    इसपर सदस्य संजय कुमार द्वारा कड़े लहजे में कहा, "सही से खड़े हो जाओ और अपना परिचय दो।" पीड़ित ने अनुरोध किया कि महोदय उनके कमर में अत्यधिक दर्द है। इस कारण में सही से खड़े नहीं हो पा रहे हैं।

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    इंजेक्शन लगाने की धमकी

    इतनी बात पर संजय कुमार ने असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए एवं गाली-गलौज सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के समक्ष की। उन्होंने अपने किसी व्यक्ति को दूरभाष से आदेशित किया कि इंजेक्शन मंगाओ और अभी लगा दो।

    कर्मी के द्वारा 10 एमएल की सिरिंज और सुई भी मंगा ली गई। बाद में अभद्र तरीके से गाली- गलौज एवं अपमानित करते हुए उनके द्वारा मुझे मीटिंग रूप से बाहर निकल दिया गया।

    उन्होंने कहा, "तुम मरीज का इलाज करते हो, अब देखो हम तुम्हारा इलाज करते हैं।" डॉक्टर क्षमा याचना करता रहा, परंतु गाली-गलौज करते हुए दूसरे जिला अररिया का उदाहरण देते हुए संजय कुमार ने कहा, "हम पांच प्रभारी को निलंबन करवा दिए हैं तुम क्या चीज हो?"

    1.20 लाख रुपए प्रति पीएचसी की डिमांड

    आरोप है कि संजय कुमार के समक्ष ही एक हस्तलिखित पर्ची देते हुए कहा कि यह लीजिए और कमरा संख्या तीन में चले जाइए, वहां आप सभी चिकित्सक की उपस्थिति दर्ज होगी। पर्ची में 1.20 लाख रुपए प्रति पीएचसी देने को कहा गया।

    इसके अलावा अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य संजय कुमार ने विभिन्न पीएचसी चिकित्सा पदाधिकार को गाली से संबोधन किया। डॉक्टर ने अन्य कई तरह के आरोप भी लगाए हैं।

    आवेदन में डॉक्टर ने कहा कि इस तरह का प्रताड़ना, असंसदीय भाषा, चिकित्सक के साथ गाली-गलौज का प्रयोग अनुसूचित जाति संवर्ग के पदाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति के ही चिकित्सक को करना उनके आत्मसम्मान को कुंठित कर रहा है।

    चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार आनंद द्वारा नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस संबंध में मारपीट, गाली गलौज धक्का-मुक्की के लिए बीएनएस की धारा 115/116/131/296/351/352 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। - विनय कुमार, अपर थानाध्यक्ष, नगर थाना मधुबनी।