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    नेपाल सीमा पर अवैध कारोबार, भारतीय एजेंसियों की रडार पर मधुबनी के 6 संस्थान; खंगाले जा रहे रिकॉर्ड

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 04:34 AM (GMT+05:30)

    भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं और मधुबनी जिले में छह संदिग्ध प्रतिष्ठानों व व्यक्तियों को अवैध गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है। इ ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मधुबनी सीमा पर छह प्रतिष्ठान संदिग्ध चिह्नित।

    2. अवैध कारोबार, बेशुमार संपत्ति की हो रही छानबीन।

    3. विदेशी फंडिंग, तस्करी की आशंका पर कड़ी नजर।

    संवाद सहयोगी, जयनगर। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं। अवैध गतिविधियों एवं गलत कारोबार में संलिप्त लोगों और संस्थानों को राज्य सरकार द्वारा चिह्नित किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मधुबनी जिले से लगने वाली नेपाल की 135 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अब तक छह प्रतिष्ठानों एवं लोगों को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया है।

    छानबीन कर इनपुट जुटाए जा रहे। इनका कारोबार संदिग्ध पाया गया है। इन्होंने बेशुमार संपत्ति अर्जित की है। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा दृष्टिकोण से ऐसे लोगों और प्रतिष्ठानों के नाम को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बैंकों व वित्तीय संस्थानों को ऐसे लोगों के लेन देन वाले खाते पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उनके लेन देन का ब्योरा भी मांगा गया है।

    डाटा खंगालने में लगीं सुरक्षा एजेंसियां

    मधुबनी जिले के जयनगर, बासोपट्टी, लदनियां, मधवापुर, हरलाखी प्रखंड की सीमा लगी है। इन सीमावर्ती क्षेत्रों में इनके अलावा कई और प्रतिष्ठानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    आपको बता दें कि जिले के सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में बीते दस से बारह वर्षों में बेशुमार दौलत अर्जित करने वाले लोगों के बायोडाटा खंगालने के लिए सरकार द्वारा सुरक्षा ऐजेंसियों एवं पुलिस विभाग को लगाया था।

    सुरक्षा एजेंसी सूत्रों के अनुसार, विभाग और पुलिस विभाग के अलावे अन्य सुरक्षा एजेंसी द्वारा अपने अपने स्तर पर नामचीन व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों की गोपनीय तरीके से जांच किया। जिसमें दस वर्षों में कारोबार करने वाले ऐसे व्यक्तियों जिनके द्वारा इस अवधि में बेशुमार संपत्ति अर्जित किया है।

    सूत्रों ने बताया कि इसके साथ भारतीय गृह मंत्रालय के द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में गोपनीय रुप से गहन छानबीन किया जा रहा है। इसके दायरे में सीमावर्ती क्षेत्र के कई नामचीन व्यक्तियों का नाम सामने आने की संभावना है। बताया जाता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कई व्यक्ति ऐसे है, जो अवैध कारोबार करके रातों रात बेशुमार संपत्ति अर्जित किया है।

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    अवैध कारोबार से करोड़ों की कमाई

    बता दें कि नेपाल से लगने सीमावर्ती गांव जयनगर के बेतौंहा, कमलावाड़ी, देवधा के अकौंहा एवं बलहा, लदनियां के पिपराही एवं लदनियां व बासोपट्टी के जानकी नगर, महिनाथपुर व दुभी बाजार व्यापार का हब बना हुआ है। जहां तस्करी एवं अन्य अवैध धंधों का सहारा लेकर लोग रोतो रात करोड़पति बन गया है।

    सीमा पर विदेशों से संदिग्ध लेनदेन काफी बढ़ गया है। सोना तस्करी से लेकर चाइनीज़ सेब समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की नेपाल से भारत में धड़ल्ले से तस्करी होती है। इस का संबंध देश बड़े शहरों कोलकाता, दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे शहरों तक जुड़ी हुई है।

    बीते दिनों लदनियां, देवधा थाना क्षेत्र समेत अन्य थाना क्षेत्रों में भारी संख्या में चाइनीज़ सेब को जब्त किया गया । सीमावर्ती क्षेत्रों में कई ऐसे संगठन सक्रिय है। जिनका संबंध पाकिस्तान एवं चीन से होने की आशंका व्यक्त किया जा रहा है।

    जहां से उन्हें फंडिंग भी प्राप्त हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ऐसे व्यक्तियों व संस्थानों पर पैनी नजर रखी जा रही है और जल्द ही किसी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकता है।

    क्या कहते हैं अधिकारी?

    एसएसबी 48 वीं बटालियन जयनगर के डिप्टी कमांडेंट हरी नारायण जाट ने बताया कि मेरे तरफ से ऐसा कुछ नहीं है। बिहार सरकार का मामला है।