Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भारत-नेपाल के रिश्ते में नया मील का पत्थर, मिथिला से अवध के लिए जल्द दौड़ेगी ट्रेन

    By Md Ali Edited By: Ajit kumar
    Updated: Wed, 17 Jun 2026 07:31 PM (IST)

    Janakpur Ayodhya Train: भारत और नेपाल के बीच जनकपुर से जयनगर होते हुए अयोध्या तक सीधी ट्रेन सेवा जल्द शुरू होगी। यह नई रेल सेवा दोनों देशों के सदियों ...और पढ़ें

    जयनगर के नेपाली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते नेपाल रेलवे के महाप्रबंधक (फाइल फोटो)।

    जयनगर के नेपाली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते नेपाल रेलवे के महाप्रबंधक (फाइल फोटो)। 

    संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। India Nepal Railway: भारत और नेपाल के बीच के सदियों पुराने मैत्री संबंध अब और अधिक प्रगाढ़ होने जा रहे हैं। मिथिला को सीधे अवध की पावन भूमि से जोड़ने के लिए एक नई और ऐतिहासिक ट्रेन सेवा बहाल की जाएगी।

    वर्तमान में नेपाल के जनकपुर से भारत के जयनगर के बीच ही नेपाली ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है, लेकिन अब इस रूट का विस्तार सीधे रामलला की नगरी अयोध्या तक होने जा रहा है। 

    इस ऐतिहासिक कदम से दोनों देशों के बीच का वर्षों पुराना 'बेटी-रोटी' का सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध और मजबूत होगा। दोनों देशों के नागरिक मिथिलांचल को अवध और मगध के क्षेत्रों से जोड़ने वाले इस अभूतपूर्व पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    फिलहाल जयनगर (भारत) और जनकपुर (नेपाल) के बीच एकमात्र रेल मार्ग के जरिए दोनों देशों के लोग आसानी से यात्रा करते हैं।

    काठमांडू की बैठक में बनी सहमति

    दोनों देशों की सरकारों ने आपसी धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत और नेपाल के उच्चस्तरीय अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। 

    इस बैठक में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है कि जनकपुर (नेपाल) से जयनगर होते हुए अयोध्या (भारत) के बीच सीधी ट्रेन सेवा जल्द ही बहाल कर दी जाएगी।

    जानकारों और सूत्रों के अनुसार, जनकपुर-अयोध्या नई ट्रेन का उद्घाटन दोनों देशों के किसी बड़े शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व या बड़े राजनेता द्वारा किया जा सकता है।

    स्टैंड ऑफ पोजीशन और सुरक्षा पर चर्चा

    जनकपुर-जयनगर-अयोध्या के बीच ट्रेन परिचालन को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद अब अधिकारी स्तर पर तकनीकी और व्यावहारिक बिंदुओं (स्टैंड ऑफ पोजीशन) पर गहन चर्चा होगी। आगामी बैठकों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा:

    खबरें और भी

    • ट्रेन का सुचारू संचालन और समय-सारणी (Time Table)
    • दोनों देशों के बीच राजस्व (Revenue) का बंटवारा
    • भारत और नेपाल के क्षेत्र में कौन-कौन से रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव (Stoppage) होगा

    ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खाका तैयार कर लिया गया है। सुरक्षा मानकों के अनुसार, नेपाली क्षेत्र में नेपाल सुरक्षा बल और भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते ही भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा ट्रेन और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली जाएगी।

    जल्द सुलझा जाएंगे तकनीकी पहलु 

    नेपाल रेल के महाप्रबंधक परिवेश पराजुली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना की दिशा में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सकारात्मक बैठक हुई है। सभी तकनीकी पहलुओं को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और बेहद कम समय के भीतर इस रूट पर ट्रेन का परिचालन धरातल पर शुरू हो जाएगा।