Madhubani News : जन्म लेते ही छिन गई जिंदगी, मौत के बाद भी रुपये मांगने के आरोप से अस्पताल में बवाल
जयनगर अनुमंडल अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने कर्मचारियों पर प्रसव और मौत के बाद पैसे मांगने का आरोप लगाया। इस नाजायज वसूली के खिलाफ हुए हं ...और पढ़ें

अस्पताल में मौजूद नवजात के स्वजन।
HighLights
जयनगर अस्पताल में नवजात की मौत के बाद हंगामा।
कर्मचारियों पर प्रसव और मौत के बाद पैसे मांगने का आरोप।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, पुलिस बुलाई।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। जिस अस्पताल में परिवार नवजात के जन्म की खुशी मनाने पहुंचा था, वहां कुछ ही देर बाद मातम पसर गया। प्रसव के बाद नवजात की मौत से परिजन पहले ही सदमे में थे।
इसी बीच अस्पताल कर्मियों पर प्रसव कराने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगा। नवजात की मौत के बाद भी रुपये मांगने की बात सामने आने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया।
प्रसव के लिए भर्ती कराई थी भाभी
कमला रोड वार्ड नंबर सात निवासी सविता कुमारी ने बताया कि उन्होंने अपनी भाभी आंचल कुमारी को प्रसव के लिए शनिवार को जयनगर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सक ने जांच के बाद रविवार की सुबह छह बजे उन्हें प्रसव के लिए दोबारा भर्ती किया।
पांच हजार रुपये मांगने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने अच्छे से प्रसव कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की। परिजनों के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद भी एएनएम द्वारा 700 रुपये लेने का प्रयास किया गया। इसको लेकर परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद हो गया।
लापरवाही का भी लगाया आरोप
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि अस्पताल में उचित इलाज और सुविधा उपलब्ध नहीं थी, तो उन्हें समय रहते बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल जाने की सलाह दी जानी चाहिए थी। परिजनों ने कहा कि नवजात की मौत से परिवार पहले ही सदमे में था। ऐसे समय में रुपये मांगने की बात ने उनके आक्रोश को और बढ़ा दिया।
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पुलिस के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
हंगामे की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति शांत हुई। ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. रेशमी कुमारी ने बताया कि वह दूसरी पाली में ड्यूटी कर रही थीं।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कुमार रोनित ने परिजनों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने इतनी बड़ी रकम की मांग की थी, तो रुपये देने के बजाय तत्काल अस्पताल प्रबंधन या सुरक्षा गार्ड से शिकायत करनी चाहिए थी। मामले को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों के बीच अस्पताल में दिनभर चर्चा बनी रही।