Madhubani PM Awas: 250 भूमिहीन परिवारों को जमीन के साथ मिलेगा आशियाना, आवास योजना में तेजी
मधुबनी जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 250 भूमिहीन परिवारों को जमीन के साथ स्थायी आवास उपलब्ध कराने की पहल की है। ...और पढ़ें

250 भूमिहीन परिवारों को जमीन के साथ मिलेगा आशियाना, आवास योजना में तेजी (AI Generated Image)
HighLights
250 भूमिहीन परिवारों को जमीन के साथ आवास मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिला प्रशासन की बड़ी पहल।
15,099 लाभार्थियों का आईडी जेनरेट, भुगतान प्रक्रिया तेज।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana 2026) के तहत जिले के बेघर एवं भूमिहीन परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है।
करीब 250 भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा के लिए जमीन उपलब्ध कराकर आवास निर्माण कराया जाएगा। उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
भूमिहीनों के लिए तीन स्तर पर होगी कार्रवाई:
डीडीसी ने बताया कि जिन परिवारों का वर्षों से गैरमजरूआ खास भूमि पर कब्जा है, उनके लिए नियमानुसार जमीन का बंदोबस्त कर आवास उपलब्ध कराया जाएगा। गैरमजरूआ आम भूमि पर बसे परिवारों का सत्यापन कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, यदि कोई परिवार रैयती जमीन पर रह रहा है तो आवश्यक विस्थापन प्रक्रिया पूरी कर समाधान निकाला जाएगा। इसके बाद भी जो भूमिहीन परिवार शेष रह जाएंगे, उन्हें सरकारी प्रावधान के अनुसार जमीन उपलब्ध कराकर आवास दिया जाएगा।
भुगतान प्रक्रिया में आई तेजी:
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस माह 15,099 लाभार्थियों का आईडी जेनरेट एवं स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 14,417 मामलों में हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जबकि 13,879 लाभार्थियों के भुगतान का सत्यापन किया जा चुका है।
अब केवल 538 मामलों में अंतिम भुगतान स्वीकृति शेष है। योजना के तहत करीब 197 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई जा रही है।
इन प्रखंडों में बेहतर, कुछ में धीमी प्रगति:
भुगतान सत्यापन में बाबूबरही (2,016), बेनीपट्टी (1,730), लौकही (1,507), पंडौल (1,281), लखनौर (1,137), झंझारपुर (974), राजनगर (872), खजौली (869) और हरलाखी (720) में उल्लेखनीय कार्य हुआ है।
हालांकि खजौली, बेनीपट्टी, फुलपरास और बाबूबरही में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रहने पर अधिकारियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बाबूबरही, लखनौर और झंझारपुर के कार्य की सराहना की गई।