मधुबनी जिले के तीन अवैध नर्सिंग होम पर दो-दो लाख और चार पर 10-10 हजार का जुर्माना
मधुबनी जिले में सात अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई की गई है, जिसमें तीन पर दो-दो लाख और चार पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन सभी संचालको ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है ।
HighLights
तीन अवैध नर्सिंग होम पर दो-दो लाख का जुर्माना।
चार अन्य अवैध क्लीनिक पर दस-दस हजार का अर्थदंड।
सभी संचालकों को संस्थान बंद करने का सख्त निर्देश।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। बिहार में जिले के तीन नर्सिंग होम पर दो-दो लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसमें बेनीपट्टी के दो और लौकही के एक नर्सिंग होम शामिल हैं। ये तीनों नर्सिंग होम पर दूसरी बार नियमावली उल्लंघन करने के बाद दो-दो लाख का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा लौकही और लदनिया के चार अवैध तरीके से संचालित नर्सिंग होम व निजी अस्पताल शामिल हैं, जिन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन सभी जगहों के संचालकों को अपना संस्थान बंद करते हुए जुर्माने की राशि सरकारी खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
सिविल सर्जन डाक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि बेनीपट्टी कटैया रोड, ठाकुर डेंटल क्लिनिक, आंबेडकर चौक से आगे उच्चैठ रोड, छोटे गैरेज के पीछे, बेनीपट्टी में बिना निबंधन एवं बिना मानक के क्लिनिक का संचालन नहीं करने के संबंध में स्पष्टीकरण एवं दो लाख का अर्थ दंड लगाया गया है।
क्लिनिक का जांच जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी, मधुबनी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बेनीपट्टी द्वारा किया गया। जांच प्रतिवेदन अनुसार आपका क्लिनिक बिना निबंधन के मानक स्तर से संचालित नहीं पाया गया।
पूर्व में भी दोनों क्लिनिक अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर प्रथम अतिलंघन का दोषी मानते हुए 50 हजार का अर्थदंड लगाया गया था, परंतु आपके द्वारा अर्थदंड की राशि जमा नहीं कराई गई तथा क्लिनिक का संचालन वर्तमान में भी किया जा रहा है।
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ऐसे में द्वितीय अतिलंघन का दोषी मानते हुए 2 (दो लाख) रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है। 24 घंटे के अंदर क्लिनिक को बंद करते हुए डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रेशन अथारिटी के नाम से उक्त राशि का बैंक ड्राफ्ट जमा कर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया है।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार केंद्र लौकही बिना निबंधन के अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था। क्लिनिक की जांच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लौकही द्वारा किया गया था। पूर्व में भी जांच के दौरान 50 हजार का जुर्माना लगाया गया था जो जमा नहीं किया गया। ऐसे में दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 2 लाख का अर्थ दंड लगाया गया है। साथ ही 24 घंटे में जवाब भी मांगा है।
चार क्लीनिक अस्पताल पर 10 हजार जुर्माना
सिविल सर्जन डाक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि चार ऐसे क्लिनिक पर भी ज्यादा 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है जो बिना निबंध के संचालित हो रहा था। इसमें मिथिला नर्सिंग होम, लदनिया और न्यू सलोनी अस्पताल लदनिया में जांच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, लदनिया द्वारा किया गया।
जांच प्रतिवेदन में नर्सिंग होम बिना निबंधन के अवैध संचालित पाया गया। इन पर 10000 का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही निबंध करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा भगवती नर्सिंग होम, लौकही, मधुबनी, और लाइफ केयर अस्पताल, थाना रोड, लौकही बिना निबंधन एवं अवैध तरीके से संचालित कर रहे थे। इन दोनों पर 10 हजार रुपये अर्थ दंड लगाते हुए 24 घंटे में जवाब मांगा है।