मधुबनी में गैस सिलिंडर वितरण में मची भगदड़, कई लोग घायल, पहुंची पुलिस
मधुबनी के झंझारपुर स्थित इंडेन गैस एजेंसी में सिलिंडर वितरण के दौरान भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें कई उपभोक्ता घायल हो गए। पुलिस ...और पढ़ें

इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी महेशपुरा में उपभोक्ताओं की भीड़। जागरण
HighLights
झंझारपुर इंडेन एजेंसी में सिलिंडर वितरण के दौरान भगदड़ मची।
भीड़ नियंत्रण में अव्यवस्था से कई उपभोक्ता घायल हुए।
पुलिस ने स्थिति संभाली, उपभोक्ताओं ने बेहतर प्रबंधन की मांग की।
संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी)। महेशपुरा स्थित इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी में रविवार को गैस सिलिंडर वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
सुबह से ही सैकड़ों उपभोक्ता एजेंसी परिसर में पहुंच गए थे। तेज धूप के बावजूद लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिसर में भीड़ बढ़ती चली गई।
कतार व्यवस्था हुई ध्वस्त
शुरुआत में उपभोक्ताओं को एक-दो कतारों में खड़ा किया गया था, लेकिन भीड़ बढ़ने पर उन्हें पांच अलग-अलग लाइनों में लगाया गया। पर्याप्त निगरानी और प्रबंधन के अभाव में कतार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लोग अपनी बारी जल्दी आने की उम्मीद में इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
सिलिंडर खत्म होने की आशंका से बढ़ी बेचैनी
दोपहर होते-होते उपभोक्ताओं के बीच यह आशंका फैल गई कि कहीं सिलिंडर खत्म न हो जाए। इसके बाद लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी। सिलिंडर पाने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते एजेंसी परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और कुछ उपभोक्ताओं को हल्की चोटें भी आईं।
सीमित स्टॉक, बढ़ती मांग
एजेंसी कर्मियों के अनुसार उस दिन 14.2 किलोग्राम के 351 घरेलू गैस सिलिंडर तथा 19 किलोग्राम के केवल छह वाणिज्यिक सिलिंडर उपलब्ध थे।
दोपहर दो बजे तक 275 घरेलू सिलिंडरों का वितरण किया जा चुका था। शेष सिलिंडर होम डिलीवरी के लिए सुरक्षित रखे गए थे। बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता ने भी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हालात बिगड़ने की सूचना मिलने पर झंझारपुर थाना के एसआई संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और वितरण व्यवस्था को सामान्य किया गया।
उपभोक्ताओं में नाराजगी
घटना के बाद उपभोक्ताओं ने एजेंसी प्रबंधन पर भीड़ नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया। लोगों ने भविष्य में टोकन सिस्टम लागू करने, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पारदर्शी वितरण प्रणाली अपनाने की मांग की, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।