मधुबनी में रौशन खातून हत्याकांड में मुखिया पुत्र पर कार्रवाई, पुलिसिया कार्यशैली पर उठे सवाल
रौशन खातून की पटना में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद मधुबनी के घोघरडीहा में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की ल ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तसवीर लगाई गई है।
HighLights
रौशन खातून की पटना में इलाज के दौरान मृत्यु हुई।
मुखिया पुत्र मंगनु सिंह को हत्या के आरोप में गिरफ्तार।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे हैं।
संवाद सहयोगी, घोघरडीहा (मधुबनी)। घोघरडीहा थाना क्षेत्र के अमही गांव निवासी मो. शहाबुद्दीन की पत्नी रौशन खातून की मृत्यु रविवार को पटना में इलाज के दौरान हो गई। इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय होती तो यह घटना इतनी गंभीर नहीं होती।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि महिला को थाने पर ले जाने के बावजूद बिना मेडिकल जांच के छोड़ दिया गया। इसके अलावा पीड़ित महिला से पीआर बांड बनवाना भी विवाद का कारण बना। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की एकतरफा कार्रवाई ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
वीडियो विवाद और जांच की शुरुआत
घटना के दौरान पीड़ित पक्ष से जुड़े कुछ वीडियो मोबाइल पर बनाए जा रहे थे, जिसे पुलिस ने कुछ समय के लिए कब्जे में ले लिया। डीएसपी अमित कुमार ने बाद में बताया कि संबंधित युवक को मोबाइल वापस कर दिया गया है। पुलिस ने रविवार दोपहर के बाद घटना की जांच में सक्रियता दिखाई और शाम तक हर बिंदु की बारीकी से जांच की।
मुखिया पुत्र मंगनु सिंह की गिरफ्तारी
रविवार शाम फुलपरास से मुखिया पुत्र मंगनु सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी अमित कुमार ने कहा कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है और अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
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25 फरवरी को रौशन खातून अपने फरियाद के साथ मुखिया कुमारी देवी के दलान पर गई थीं। वहां मुखिया पुत्र मंगनु सिंह और 12-15 अन्य लोग मौजूद थे। कहा जा रहा है कि रौशन खातून ने मुखिया पुत्र पर लाठी चला दी, जिससे वहां मौजूद लोग आक्रोशित होकर मारपीट कर उन्हें खूंटे से बांध दिया।
पुलिस ने पति-पत्नी को थाना ले जाकर कुछ घंटे बाद पीआर बांड बनवाकर छोड़ दिया। अगले दिन रौशन खातून को पीएचसी घोघरडीहा लाया गया, जहां से उन्हें डीएमसीएच और फिर पीएमसीएच में इलाज के लिए भेजा गया।
इलाज के दौरान रविवार रात लगभग नौ बजे उनकी मृत्यु हो गई।घटनास्थल पर पुलिस ने शांति बनाए रखने और ग्रामीणों से सहयोग करने की अपील की। डीएसपी ने कहा कि पुलिस हर कदम सावधानीपूर्वक उठा रही है और मामले की पूर्ण जांच की जा रही है।