बिहार के लाल का कमाल, कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के नेशनल काउंसिल सदस्य बने धीरज झा
मधुबनी के राजनगर निवासी धीरज झा कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के नेशनल काउंसिल सदस्य चुने गए हैं। उन्होंने 40 वर्ष से सक्रिय एक अनुभवी नेता को पराजित किय ...और पढ़ें

बिहार के लाल धीरज झा। (जागरण)
HighLights
धीरज झा कनाडा की कंज़र्वेटिव पार्टी के नेशनल काउंसिल सदस्य बने।
मधुबनी के धीरज ने अनुभवी नेता को हराकर इतिहास रचा।
पार्टी की संगठनात्मक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रमोद कुमार सर्राफ, राजनगर। कनाडा में रह रहे सूबा ए बिहार के लाल धीरज झा (38) कंसर्वेटिव पार्टी, कनाडा के नेशनल काउंसिल सदस्य पद का चुनाव जीत कर एक नए इतिहास की रचना करने में सफल हुए हैं।
मधुबनी जिलान्तर्गत राजनगर प्रखंड के सतघारा सिमरी नवटोल निवासी अवकाशप्राप्त बैंक अधिकारी विश्वंभर झा के सुपुत्र
धीरज झा ने 40 वर्ष से राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय तथा स्वयं से दुगुनी उम्र के कद्दावर नेता को पराजित किया है।
धीरज झा इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने एनआईटी जमशेदपुर से इंजीनियरिंग तथा कनाडा से मास्टर डिग्री हासिल की है।
कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने अप्रैल 2025 के संघीय चुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद संगठनात्मक मजबूती और समुदायों से दोबारा जुड़ने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है।
धीरज, इस दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसी क्रम में पार्टी ने ओंटारियो के हैमिल्टन निवासी और बिहार के मधुबनी मूल के धीरज झा को पार्टी की शीर्ष निर्णयकारी संस्था नेशनल काउंसिल का सदस्य चुना है।
धीरज झा को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
अल्बर्टा के कैलगरी में आयोजित हालिया पार्टी अधिवेशन में हुए चुनाव में धीरज झा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। वे नेशनल काउंसिल के उन 20 सदस्यों में शामिल हैं, जो पार्टी सदस्यों के प्रति जवाबदेह होते हैं और संघीय चुनावों में उम्मीदवारों के चयन सहित कई अहम नीतिगत फैसलों में भूमिका निभाते हैं।
पार्टी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि धीरज झा इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्हें सार्वजनिक नीति का प्रशिक्षण तथा जमीनी स्तर पर राजनीतिक कार्य करने का व्यापक अनुभव है। वे पहले एक कंज़र्वेटिव सांसद के संसदीय स्टाफर रह चुके हैं और ओंटारियो प्रांत में पार्टी के कई चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
सामुदायिक संगठन हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन (एचसीएफ) ने धीरज झा के निर्वाचन को कनाडा की राजनीति में हिंदू समुदाय के प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
गौरतलब है कि 2024 के अंत तक जनमत सर्वेक्षणों में 20 अंकों की बढ़त के बावजूद कंज़र्वेटिव पार्टी 2025 के संघीय चुनाव में सत्ता हासिल करने में असफल रही। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी एक बार फिर अल्पमत सरकार के साथ सत्ता में लौटे।
हालांकि, पार्टी नेता पियरे पोइलिव्रे ने नेतृत्व समीक्षा में भारी समर्थन हासिल किया, लेकिन आने वाले समय में हिंदू समुदाय सहित विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी का आधार मजबूत करना उनकी बड़ी चुनौती होगी।