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    पाकिस्तानी हैंडलर से कथित संपर्क में मौलाना गिरफ्तार, मधुबनी में एटीएस ने की कार्रवाई

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 10:52 PM (IST)

    मौलाना इजहारूल हक को पाकिस्तानी हैंडलर से कथित संपर्क और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में मधुबनी में एटीएस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ ...और पढ़ें

    सूना परा नवटोल का वह मुहल्ला जिस गली में मौलाना इजहारूल हक का है घर। जागरण

    सूना परा नवटोल का वह मुहल्ला जिस गली में मौलाना इजहारूल हक का है घर। जागरण 

    HighLights

    1. मौलाना इजहारूल हक को एटीएस ने मधुबनी से गिरफ्तार किया।

    2. पाकिस्तान हैंडलर से संपर्क और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का आरोप।

    3. सुरक्षा एजेंसियां मौलाना के नेटवर्क और फंडिंग की जांच कर रही हैं।

    प्रदीप मंडल, मधुबनी। पाकिस्तान हैंडलर से कथित संपर्क, राष्ट्रविरोधी एवं कट्टरपंथी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में मौलाना इजहारूल हक की गिरफ्तारी के बाद मधुबनी जिले में हड़कंप मच गया है।

    बता दें कि रविवार की आधी रात को मध्यप्रदेश एवं बिहार एटीएस की संयुक्त टीम ने शहर के उर्दू मोहल्ला, गोआ पोखर, राघोनगर भौआड़ा स्थित मदरसा नूर-ए-मोहम्मदिया में छापेमारी कर मौलाना को गिरफ्तार किया था।

    इसके साथ ही एटीएस की दूसरी टीम ने पंडौल थाना क्षेत्र के सरिसब पाही पश्चिमी पंचायत के नवटोल स्थित उसके पैतृक आवास पर भी कार्रवाई की।

    मंगलवार को जैसे ही लोगों को समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और टीवी चैनलों के माध्यम से गिरफ्तारी की पूरी जानकारी मिली, शहर से लेकर गांव तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। जिस नवटोल गांव में मौलाना का घर है, वहां पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।

    लोग घटना को लेकर हैरानी और अविश्वास व्यक्त करते दिखे। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि गांव का एक मौलाना इस तरह के गंभीर आरोपों में सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ सकता है।

    सूत्रों की मानें तो सोमवार को ही मदरसा नूर ए मोहम्मदिया की जांच के लिए पटना से मदरसा बोर्ड के सदस्य आने वाले थे। संभवत उक्त मामले के उद्वेदन के बाद वह जांच के लिए नहीं आए।

    रहिका के प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार दास ने बताया कि उर्दू मोहल्ला गोआ पोखर राघोनगर भौआड़ा स्थित मदरसा नूर ए मोहम्मदिया का जांच किया जाना था लेकिन बीते दो दिनों में उसकी जांच नहीं हो सकी है।

    गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

    सूत्रों के अनुसार, मौलाना इजहारूल हक को मधुबनी न्यायालय से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मध्यप्रदेश एटीएस अपने साथ ले गई है। गिरफ्तारी के बाद नगर थाना में कई घंटों तक एटीएस अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों तथा पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।

    पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर उसके कथित नेटवर्क, संपर्कों और सहयोगियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां मधुबनी शहर समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में उसके संपर्क सूत्रों की पड़ताल कर रही हैं।

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    सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    शादी समारोह के बाद हुई गिरफ्तारी

    सूत्रों के अनुसार, एटीएस की टीम जब मदरसा नूर-ए-मोहम्मदिया पहुंची तो उस समय मौलाना इजहारूल हक वहां एक विवाह समारोह में शामिल था। बताया जाता है कि किसी प्रकार की अफरा-तफरी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसलिए टीम ने काफी सतर्कता के साथ कार्रवाई की।

    जांच एजेंसियों को आशंका है कि समारोह में उसके कुछ बाहरी और संदिग्ध संपर्क वाले भी मौजूद थे। अब उन लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

    ऑनलाइन मीटिंग और बाहरी संपर्कों की जांच

    जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मौलाना पिछले कुछ वर्षों के दौरान मुंबई, दिल्ली, कर्नाटक, देवबंद तथा नेपाल सहित कई स्थानों की लगातार यात्राएं करता रहा था।

    आरोप है कि वह विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से अपने कथित संपर्कों के साथ संवाद करता था। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि उसकी गतिविधियों के लिए धन कहां से आता था और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे।

    जांच के दौरान कुछ नाम भी सामने आने की चर्चा है, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    गांव वालों को नहीं थी ज्यादा जानकारी

    घटना के दूसरे दिन नवटोल में सन्नाटा फैला रहा। जिस मोहल्ले में मौलाना इजहारूल हक का घर है, उस गली में दिन भर लोगों का आना-जाना कम रहा। नवटोल गांव के लोगों का कहना है कि मौलाना अधिकांश समय मधुबनी में ही रहता था।

    गांव में उसकी पत्नी, पुत्रवधुएं, बच्चे और अन्य परिजन रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह कब आता था और कब जाता था, इसकी जानकारी भी अधिकांश लोगों को नहीं होती थी।

    परिजनों का कहना है कि वह मदरसा और धार्मिक कार्यों के सिलसिले में विभिन्न शहरों की यात्रा करता था। वहीं जांच एजेंसियां उसकी यात्राओं और संपर्कों का पूरा ब्यौरा खंगाल रही हैं।

    मदरसा में पसरा सन्नाटा

    गिरफ्तारी के बाद राघोनगर भौआड़ा स्थित मदरसा नूर-ए-मोहम्मदिया में भी सन्नाटा पसरा रहा। मदरसा बंद मिला और परिसर में सामान्य गतिविधियां ठप रहीं।

    स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में इस मदरसे की शुरुआत की गई थी। यहां मौलाना अपने बेटों के साथ रहता था और बच्चों को धार्मिक शिक्षा दी जाती थी। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां मदरसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।

    पहले भी सामने आ चुके हैं संवेदनशील मामले

    उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जिले में साइबर अपराध और जाली नोट तस्करी से जुड़े मामलों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। ऐसे में मौलाना की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    क्या कहते हैं एसपी

    मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश एवं बिहार एटीएस ने मधुबनी पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए इजहारूल हक को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट रिमांड पर उसे मध्यप्रदेश ले जाया गया है और पूछताछ के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।