मुंगेर : ठगी की कहानी पुलिस की चौखट पर आकर ठहर गई, फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने किया बड़ा खेल
मुंगेर के खड़गपुर स्थित कंटिया बाजार में एक फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने महिलाओं को ठगा। कंपनी ने ऋण और घरेलू सामान का लालच देकर प्रत्येक महिला से 3 ...और पढ़ें

माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने मुंगेर में की ठगी।
HighLights
फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने महिलाओं से लाखों की ठगी की।
प्रबंधक गौरव कुमार और कर्मचारी दीपक कुमार फरार हो गए।
लिखित आवेदन के अभाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही।
संवाद सूत्र, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। खड़गपुर थाना क्षेत्र स्थित कंटिया बाजार में फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर रची गई ठगी की कहानी अब पुलिस की चौखट पर आकर ठहर गई है। ठगी का शिकार बनी महिलाओं की मौखिक शिकायतों के बावजूद खड़गपुर थाना अब तक किसी ठोस कार्रवाई की ओर कदम नहीं बढ़ा सका है। इसकी सबसे बड़ी वजह पीड़ितों द्वारा लिखित आवेदन नहीं दिया जाना है, जिससे पुलिसिया जांच की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है और मामला अधर में लटका हुआ है।
पीड़ित महिलाओं के अनुसार माइक्रोफाइनेंस कंपनी के फरार प्रबंधक गौरव कुमार और कर्मचारी दीपक कुमार ही इस ठगी के मुख्य चेहरे हैं। कंपनी का मुख्य सरगना बक्सर निवासी सुरेंद्र कुमार ने भी किराए के मकान के लिए गौरव का ही मोबाइल इस्तेताल किया था। गौरव कुमार का मोबाइल नंबर 9470256897 तथा दीपक कुमार का मोबाइल नंबर 9244968357 बताया गया है, जो लगातार स्विच आफ आ रहा है। पीड़ितों ने बताया कि गौरव कुमार का घर भागलपुर जिले में है।
- मोबाइल नंबर के सीडीआर निकालने के बाद मुख्य सरगना व कर्मियों तक तक पहुंच सकती है पुलिस
- पुलिस ने कहा- अब तक कोई लिखित आवेदन पी़ड़ित की ओर से नहीं मिला है, जबकि सारा तथ्य है उजागर
- आवेदन का पेच, ठगी की कहानी पुलिस की चौखट पर आकर ठहरी
इन मोबाइल नंबरों की पुष्टि न केवल पीड़ित महिलाओं ने बल्कि संबंधित भवन के मकान मालिक ने भी की है। स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि यदि पुलिस इन मोबाइल नंबरों के आधार पर तकनीकी जांच और पूछताछ करे, तो ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क की डोर बक्सर में बैठकर ठगी का सिंडिकेट चला रहे मुख्य सरगना सुरेंद्र कुमार से जुड़ी हुई है।
जानकारी के अनुसार 13 जनवरी को कंटिया बाजार के एक निजी भवन में माइक्रोफाइनेंस कंपनी ने अस्थायी कार्यालय खोला था। इसके बाद कंपनी के कर्मियों ने हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के खड़गपुर और टेटिया बंबर प्रखंड के आसपास के इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाना शुरू किया। समूह बनाकर लोन देने और घरेलू उपयोग के सामान उपलब्ध कराने का सपना दिखाकर महिलाओं को झांसे में लिया गया। प्रति महिला तीन से छह हजार रुपये की राशि जमा कराई गई। साथ ही समूह बनने के बाद 50 हजार रुपये तक का लोन देने का भरोसा दिलाया गया।
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करीब 14 दिनों तक यह ठगी का खेल चलता रहा। जब 27 जनवरी तक महिलाओं के बैंक खातों में लोन की राशि नहीं पहुंची, तब उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ। इसके बाद 28 जनवरी को पीड़ित महिलाएं कंपनी के कार्यालय पहुंचीं और पूरे मामले का खुलासा करते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। उस समय पुलिस ने महिलाओं को थाना में लिखित आवेदन देने की सलाह दी थी, ताकि कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी से जुड़े लोग अब भी पीड़ित महिलाओं को तरह-तरह के प्रलोभन देकर मामला मैनेज करने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसी कारण ठगी का शिकार बनी महिलाएं थाना में आवेदन देने से कतरा रही हैं। नतीजतन पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं और ठगी का मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
क्लू उजागर, आवेदन बना बाधक
इस संबंध में हवेली खड़गपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि अब तक पीड़ितों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलते ही मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया था। ऐसे में सवाल यही उठता है कि जब सुराग हाथ में हैं, तो चुप्पी क्यों और जब ठगी उजागर हो चुकी है, तो कार्रवाई कब होगी।