सम्राट को कमान, खड़गपुर भरेगा उड़ान; पर्यटन हब बनने को तैयार जंगल-झरनों की धरती
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हवेली खड़गपुर पर्यटन का नया केंद्र बनने को तैयार है। प्राकृतिक और धार्मिक धरोहरों से भरपूर यह क्षेत्र, जिसमें ...और पढ़ें

हवेली खड़गपुर झील। (जागरण)
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों से खड़गपुर में पर्यटन विकास।
भीमबांध के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत।
स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।
राम प्रवेश सिंह, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। घने जंगलों की हरियाली, पहाड़ों की शांत गोद और कुंड-झरनों की अद्भुत छटा हवेली खड़गपुर की पहचान हमेशा से प्राकृतिक और धार्मिक धरोहरों की रही है।
लेकिन अब यह इलाका सिर्फ पहचान तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि विकास की नई कहानी लिखने की दहलीज पर खड़ा है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही खड़गपुर में पर्यटन क्रांति की उम्मीदों ने जोर पकड़ लिया है।
इस क्षेत्र में अब बदलाव की बयार बहने लगी है। भीमबांध के गर्म जलस्रोत, खड़गपुर झील की शांत लहरें, रामेश्वर कुंड की आस्था, हाहा पंचकुमारी की झरना, भौंरा कुंड और ऋषि कुंड जैसे स्थल प्राकृतिक और धार्मिक दृष्टि से अनमोल धरोहर हैं।
ये सभी जगहें ऐसी हैं, जो सही योजना और संसाधन मिलने पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान बना सकती हैं।
सम्राट चौधरी ने विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने का लिया संकल्प
हवेली खड़गपुर का यह पर्यटन क्षेत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह जिला क्षेत्र में पड़ता है। 28 दिसंबर 2025 को, जब वे उपमुख्यमंत्री थे, तब खड़गपुर के खैरा गांव में पीएम के मन की बात कार्यक्रम के दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों के बीच एक बड़ा संकल्प लिया था, खड़गपुर के पर्यटन स्थलों को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने का।

भीमबांध स्थित पर्यटकों के स्नान के लिए बना सरोवर।
उनका यह एलान उस दिन सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि यहां के लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन गया था। अब जब उनके हाथ में प्रदेश की कमान है, तो लोगों को भरोसा है कि यह संकल्प हकीकत में बदलेगा।
खबरें और भी
स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि पर्यटन के विकास से रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और छोटे-छोटे व्यवसायों के जरिए क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।
उभरता टूरिज्म और विकास का चमकता केंद्र
अगर भीमबांध को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाए और खड़गपुर झील के आसपास आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएं, तो यह इलाका देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खींच सकता है।
साथ ही धार्मिक स्थलों के सुव्यवस्थित विकास से श्रद्धालुओं की संख्या में भी तेजी आएगी। वहीं, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से खड़गपुर का समग्र विकास भी रफ्तार पकड़ेगा। यह क्षेत्र, जो अब तक मानचित्र के एक कोने में सिमटा हुआ था, आने वाले समय में विकास का चमकता केंद्र बन सकता है।
भीमबांध विकास को मिली 100 करोड़ की सौगात
पिछले दिनों हवेली खड़गपुर प्रखंड की मुरादे पंचायत के कौशलपुर गांव में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान जमुई के लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों से भीमबांध के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई है।
यह राशि क्षेत्र को पर्यटन के नक्शे पर लाने में अहम भूमिका निभाएगी। भीमबांध को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
खड़गपुर की वादियों में गूंजती नई उम्मीद
खड़गपुर की खूबसूरत वादियां इन दिनों सिर्फ झरनों की मधुर आवाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां विकास और संभावनाओं की गूंज भी साफ सुनाई दे रही है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह इलाका अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने को तैयार दिख रहा है। खास बात यह है कि जाड़े के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है, जिससे इसकी पर्यटन क्षमता और भी स्पष्ट होती है।
स्थानीय लोग उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब खड़गपुर देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बनेगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से अब यह उम्मीद पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है कि खड़गपुर जल्द ही अपनी अलग पहचान बनाएगा।
भीमबांध और आसपास के वन क्षेत्रों को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने में पूरा सहयोग दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
राबिन आनंद, वन विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी हवेली खड़गपुर