वीर कुमार हत्याकांड: मुंगेर में 9 महीने बाद कुएं से निकला सच, पुलिस ने भागलपुर भेजा कंकाल
मुंगेर के खड़गपुर में नौ माह पहले लापता हुए वीर कुमार का कंकाल एक कुएं से बरामद हुआ है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है और पांच महिलाओं से पू ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, हवेली खड़गपुर (मुंगेर) खड़गपुर थाना क्षेत्र के खंडबिहारी गांव में नौ माह पहले लापता हुए बालक वीर कुमार की दर्दनाक कहानी अब धीरे-धीरे खुल रही है। खंडहरनुमा घर के समीप स्थित कुएं से कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को निरुद्ध कर लिया है, जबकि पांच महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना के खुलासे के बाद पूरे गांव में सनसनी और तनाव का माहौल है। पुलिस की लगातार निगरानी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी पुलिस और प्रशासन की टीम ने मोटर पंप की मदद से कुएं का पानी निकलवाया। पानी सूखने के बाद शेष बचे कंकाल के हिस्सों को बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है कि गुरुवार रात जब एक डिब्बा कुएं से बाहर निकला तो उसमें ईंट-पत्थर भरे हुए थे। इसी डिब्बे के सहारे शव को डुबोकर रखा गया था ताकि वह ऊपर न आ सके। एफएसएल और डाग स्क्वायड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बालक की मौत पानी में डूबने से हुई है, किसी धारदार हथियार के इस्तेमाल के साक्ष्य नहीं मिले हैं। डीएनए जांच के लिए कंकाल को भागलपुर भेजा गया है।
फिरौती की साजिश, हिम्मत नहीं जुटा सके आरोपित
पुलिस छानबीन में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। घटना वाले दिन वीर कुमार घर से बाहर निकला था, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसे पकड़कर गांव के ही खंडहर में छिपा दिया। मंशा फिरौती मांगने की थी, लेकिन आरोपी हिम्मत नहीं जुटा सके कि परिजनों से संपर्क कर सकें।
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इस बीच, परिवार की ओर से भी किसी तरह की फिरौती काल की पुष्टि नहीं हुई। जैसे-जैसे पुलिस की दबिश बढ़ती गई, आरोपी घबराने लगे। अंततः घटना के तीन दिन बाद किशोर को हाथ-पैर बांधकर डिब्बे में रखकर कुएं में फेंक दिया गया। डिब्बे में पत्थर रखकर उसे डुबो दिया गया ताकि शव बाहर न आए।
भूमि विवाद की भी चर्चा, कई संदिग्ध फरार
गांव में यह चर्चा भी तेज है कि मामला सिर्फ अपहरण नहीं बल्कि भूमि विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। मृतक के पिता जमींदार परिवार से हैं और उनकी जमीन पर कई लोगों की नजर थी।
हालांकि, पुलिस अभी इस एंगल की पुष्टि नहीं कर रही है। कई संदिग्ध लोग गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
महिलाओं के झगड़े से खुला राज
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा भी बेहद नाटकीय तरीके से हुआ। चार दिन पहले गांव के एक टोले में दो पक्षों की महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। झगड़े के दौरान एक पक्ष की महिलाओं ने गुस्से में कह दिया तुम लोगों ने गांव में जो किया है, सबको बता देंगे सुधीर बाबू के पोते वीर के साथ क्या किया, सब खोल देंगे भगवान माफ नहीं करेगा।
यह बात गांव में आग की तरह फैल गई। इसी के आधार पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने सूचना देने वाले से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह बात उसने झगड़े के दौरान सुनी थी। साथ ही कुछ लोगों के नाम भी बताए। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुएं से कंकाल बरामद किया और चार लोगों को निरुद्ध किया।
गांव में तनाव, पुलिस कैंप
कंकाल मिलने के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। एसपी सैयद इमरान मसूद, एसडीपीओ अनिल कुमार समेत कई अधिकारी देर रात तक गांव में डटे रहे और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। निरुद्ध किए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है, लेकिन पुलिस अभी खुलकर कुछ भी बताने से बच रही है।
एसडीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि छानबीन के दौरान फिरौती मांगने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। चार लोगों को निरुद्ध किया गया है और पांच महिलाओं से पूछ ताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी।