खड़गपुर झील में पहुंचेगा गंगाजल, मुंगेर में सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा एलान; ₹190 करोड़ की योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गपुर झील में गंगाजल पहुंचाने के लिए 190 करोड़ रुपये की सिंधुवारिणी जलाशय योजना को मंजूरी दी है। यह योजना मुंगेर के किसा ...और पढ़ें

बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी: सीएम सम्राट चौधरी ने किया एलान, खड़गपुर झील को मिलेगा गंगा का पानी
HighLights
खड़गपुर झील में गंगाजल पहुंचाने की योजना स्वीकृत।
सिंधुवारिणी जलाशय योजना को ₹190 करोड़ की मंजूरी।
मुंगेर के किसानों को सिंचाई समस्या से मिलेगी राहत।
संवाद सहयोगी, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। टेटिया बम्बर की धरती से किसानों के लिए बड़ी उम्मीदों का संदेश देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़गपुर झील में गंगा जल पहुंचाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके तहत खड़गपुर झील स्थित सिंधुवारिणी जलाशय योजना के लिए 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी गई है। इस बड़ी सौगात से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
खेती को लाभकारी बनाने पर सरकार का विशेष जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए जल संसाधनों के विकास पर विशेष जोर दे रही है। वर्षों से पानी की कमी के कारण किसानों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है, उसे दूर करने के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। गंगा जल के खड़गपुर झील में पहुंचने से पूरे वर्ष पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई आसान हो सकेगी।
धरातल पर दिख रहा विकास, बढ़ेगी किसानों की आय
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि धरातल पर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सिंधुवारिणी जलाशय योजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ेगा और मुंगेर के किसानों की आय में भी उल्लेखनीय और बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जाएगी।
सिंचाई की वर्षों पुरानी समस्या अब बनेगी इतिहास
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार गांव, किसान और गरीब के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के धरातल पर उतरते ही खड़गपुर क्षेत्र में सिंचाई की वर्षों पुरानी समस्या हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगी और कृषि विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।