इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे और मरीन ड्राइव से बदलेगी मुंगेर की तस्वीर; नया 'इकोनॉमिक हब' बनेगा जिला
मुंगेर जिले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे और गंगा किनारे मरीन ड्राइव सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं तेजी से विकास कर रही ...और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे और मरीन ड्राइव से बदलेगी तस्वीर (AI Generated Image)
HighLights
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे, मरीन ड्राइव से मुंगेर का विकास।
बेहतर सड़क, हवाई, पर्यटन संपर्क से आर्थिक गति को बढ़ावा।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मुंगेर बनेगा प्रमुख आर्थिक केंद्र।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। मुंगेर जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है। केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाएं जिले को बेहतर सड़क, हवाई और पर्यटन संपर्क से जोड़ेंगी।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे, गंगा किनारे मरीन ड्राइव तथा ग्रीनफील्ड फोरलेन जैसी परियोजनाओं के पूरा होने से मुंगेर न केवल बिहार, बल्कि देश के प्रमुख आर्थिक और पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
इसमें सबसे बड़ी परियोजना असरगंज-सुलतानगंज के बीच प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इस एयरपोर्ट के निर्माण से मुंगेर, भागलपुर, जमुई, बांका, लखीसराय और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। इसको लेकर राज्य सरकार ने योजना को स्वीकृति दे दी है।
इसी तरह, हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे का मार्ग भी मुंगेर जिले से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह को बिहार के रास्ते नेपाल सीमा स्थित रक्सौल से जोड़ेगा।
इसके बनने से माल परिवहन आसान होगा, यात्रा का समय घटेगा और क्षेत्र में निवेश तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मरीन ड्राइव से बढ़ेगा आकर्षक, विकास को मिलेगी रफ्तार
पर्यटन की दृष्टि से मुंगेर से भागलपुर के सबौर तक गंगा किनारे मरीन ड्राइव का निर्माण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह परियोजना गंगा तट को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
साथ ही नदी किनारे पर्यटन, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विकास की भी संभावना बढ़ेगी। इसके लिए मिट्टी जांच का काम हो चुका है तथा निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है।
मुंगेर से झारखंड का सफर होगा आसान
मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके पूरा होने पर मुंगेर से भागलपुर और झारखंड की ओर यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी।
इस सड़क से माल ढुलाई की लागत भी कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इसके अलावा मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने पर मुंगेर की राजधानी पटना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद मुंगेर की पहचान केवल ऐतिहासिक और धार्मिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि आधुनिक परिवहन, उद्योग, व्यापार और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।
इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।