मुंगेर : लगातार चोरी से खौल रहा खड़गपुर, पुलिस पर अविश्वास; व्यापारी बोले- अब आर-पार की लड़ाई
मुंगेर हवेली खड़गपुर में चोरी की बढ़ती घटनाओं से लोग बेहद परेशान हैं। पुलिस की निष्क्रियता और गश्त की कमी पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग खुद को ...और पढ़ें

एसपी सैयद इमरान मसूद
HighLights
खड़गपुर में लगातार चोरी से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस गश्त की कमी और निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कानून-व्यवस्था सुधारने की मांग की।
संवाद सूत्र, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। प्रख्यात चित्रकार नंदलाल बसु की धरती हवेली खड़गपुर इन दिनों अपराधियों के साए में जी रही है। कभी शांत और सुरक्षित माने जाने वाले इस इलाके में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग अब खुद ही अपनी सुरक्षा के लिए रातभर पहरा देने को मजबूर हैं।
लगातार वारदातों से सहमे लोग
अनुमंडल क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बदमाश जब चाहें, जहां चाहें वारदात को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे। हर घटना के बाद गश्त बढ़ाने की बात कही जाती है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस गश्त पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि रात में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम नजर आती है, जिसका फायदा उठाकर चोर आसानी से वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
स्थिति यह है कि अब मोहल्लों में लोग समूह बनाकर रात में पहरा दे रहे हैं। दुकानों और घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, लेकिन फुटेज मिलने के बाद भी अपराधियों तक पुलिस की पहुंच नहीं हो पा रही है।
खबरें और भी
केस दर्ज, लेकिन नतीजा सिफर
चोरी की घटनाओं में पुलिसिया कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। केस दर्ज होते हैं, जांच भी शुरू होती है, लेकिन नतीजा शून्य ही रहता है। समय बीतने के साथ ही फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। यही कारण है कि अब कई पीड़ित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने से भी कतराने लगे हैं, क्योंकि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम ही दिखाई देती है।
नशे का कारोबार बना बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में स्मैक और गांजा जैसे नशीले पदार्थों का कारोबार तेजी से फैल रहा है। नशे के आदी लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए चोरी का रास्ता अपना रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस नशे के इस अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगाए, तो चोरी की घटनाओं में भी काफी हद तक कमी आ सकती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगी या जमीन पर उतरकर अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी करेगी। क्षेत्र की जनता ने विधायक सह उप मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल की जाए।
चोरी पर लगाम नहीं तो आंदोलन : चैंबर
बढ़ते अपराध और लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से नाराज चैंबर ऑफ कॉमर्स ने गुरुवार को बैठक कर प्रशासन को चेतावनी दी। बैठक की अध्यक्षता चैंबर अध्यक्ष अंजनी कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।
व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। हाल की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बाजार में डर का माहौल
दुकानदारों का कहना है कि रात के समय लगातार दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे बाजार में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। चैंबर अध्यक्ष अंजनी कुमार ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल्द ही पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपने की बात कही।
महिलाओं और छोटे व्यापारियों में ज्यादा डर
चैंबर की उपाध्यक्ष रेखा सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं और छोटे व्यापारियों में खास तौर पर भय का माहौल है। उन्होंने रात में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी की मांग की। संरक्षक अमित कुमार ने कहा कि चोरी की घटनाएं अब शहर की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करने लगी हैं, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है।
एकजुट होकर लड़ाई का संकल्प
बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस समस्या से लड़ने का संकल्प लिया। साथ ही प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपने विचार रखे और कानून-व्यवस्था सुधारने की जरूरत पर जोर दिया।
“हर दिन डर के साये में जी रहे”
पंकज यादव ने कहा कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। रोज दुकान बंद करते समय यह डर बना रहता है कि अगला निशाना उनकी दुकान न बन जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को गश्त बढ़ाकर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों में भरोसा कायम हो सके।
“घर में अकेले रहना भी मुश्किल”
विशाल चौरसिया ने कहा कि मोहल्लों में चोरी की घटनाओं के कारण लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब घर में अकेले रहना भी डरावना लगने लगा है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और त्वरित कदम उठाने की मांग की।
“पेट्रोलिंग में सुधार जरूरी”
मनोज कुमार रघु ने कहा कि लगातार चोरी की घटनाओं से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पुलिस की पेट्रोलिंग प्रभावी नहीं है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता बढ़ाने से ही अपराधियों में कानून का डर पैदा किया जा सकता है।
“लापरवाही से बिगड़ सकते हैं हालात”
ईशु यादव ने कहा कि बढ़ती चोरी की घटनाएं प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कब-कब हुई चोरी की घटनाएं
जनवरी से मार्च तक वारदातों की लंबी सूची
- 07 जनवरी को टेटिया बंबर के देवघरा के समीप एक नाश्ता दुकान से करीब 25 हजार रुपये की चोरी हुई।
- 10 फरवरी को मारवाड़ी टोला स्थित एक बंद घर से लगभग आठ लाख की संपत्ति चोरी कर ली गई, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
स्कूल, दुकान और मंदिर भी निशाने पर
- 17 फरवरी को सरस्वती शिशु मंदिर में लगातार दो दिन चोरी हुई।
- 22 फरवरी को एक बेकरी दुकान के बाहर से बैटरी और तार चोरी किए गए।
- 05 मार्च को रानी सती दादी मंदिर से चांदी का मुकुट समेत लाखों की संपत्ति चोरी हुई।
सरकारी संस्थान भी नहीं बचे
- 06 मार्च को अनुमंडलीय अस्पताल से नल चोरी हो गए।
- 07 और 08 मार्च को दुकानों में सेंधमारी कर नकदी और सामान चोरी किए गए।
- 11 मार्च को हरि सिंह कॉलेज परिसर से निर्माण सामग्री चोरी हो गई, जिसका अब तक खुलासा नहीं हुआ है।
हाल की घटनाओं से बढ़ी चिंता
- 17 मार्च को एसडीपीओ कार्यालय के पास चाय दुकान में चोरी हुई।
- 24 मार्च को एक साथ कई दुकानों और स्कूल में चोरी की घटनाएं सामने आईं।
पुलिस का पक्ष
पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पेट्रोलिंग में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि एसडीपीओ को सभी मामलों के जल्द खुलासे और अपराध पर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इसका असर जमीन पर दिखाई देगा। इन सभी घटनाओं में पुलिस को केवल कुछ मामलों में ही सफलता मिली है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।