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    बिहार में परिसीमन प्रक्रिया से पंचायत चुनाव पर ब्रेक, इस वर्ष संभावना कम; उम्मीदवारों का बढ़ा इंतजार

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 06:33 PM (IST)

    मुंगेर में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव नए परिसीमन के कारण अनिश्चितकाल के लिए टल गए हैं, जिससे दिसंबर 2026 तक चुनाव संपन्न होने की संभावना बेहद कम है। ...और पढ़ें

    मुंगेर में पंचायत चुनाव पर परिसीमन का ब्रेक, लंबा इंतजार करेंगे प्रत्याशी (AI Generated Image)

    मुंगेर में पंचायत चुनाव पर परिसीमन का ब्रेक, लंबा इंतजार करेंगे प्रत्याशी (AI Generated Image)

    HighLights

    1. नए परिसीमन के कारण पंचायत चुनाव प्रक्रिया ठप।

    2. दिसंबर 2026 तक चुनाव होने की संभावना कम।

    3. परिसीमन में कम से कम एक वर्ष का विलंब।

    संवाद सहयोगी, मुंगेर। त्रि-स्तरीय पंचायती राज चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीण मतदाताओं को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

    राज्य सरकार की ओर से पंचायत चुनाव नए परिसीमन के बाद कराने के निर्णय से चुनाव प्रक्रिया फिलहाल ठप पड़ गई है। ऐसे में तय समय-सीमा के भीतर, यानी दिसंबर 2026 तक पंचायत चुनाव संपन्न होने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।

    हालांकि, जिला पंचायती राज विभाग ने जून माह में चुनाव की प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी थी। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया गया था और उस पर दावा-आपत्ति भी प्राप्त की गई थी।

    इसके बाद मतदान केंद्रों के निर्धारण, आरक्षण प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक तैयारियां शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन राज्य कैबिनेट के नए परिसीमन के बाद ही पंचायत चुनाव कराने का फैसला लिए जाने के बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई।

    परिसीमन के आधार पर होगा पंचायतों का पुनर्गठन

    राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार अब ग्राम पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन और पुनर्गठन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, यह परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक पंचायत की आबादी के अनुरूप उसकी सीमा और संरचना निर्धारित होगी।

    इसके कारण कई पंचायतों की सीमाओं में बदलाव होगा, जबकि नई पंचायतों का गठन भी किया जाएगा। ऐसे में पंचायतों में पदवार आरक्षण की स्थिति भी बदल सकती है तथा पंचायतों की संख्या बढ़ने से जनप्रतिनिधियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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    जिले में है कुल 96 ग्राम पंचायत

    वर्तमान में मुंगेर जिले में कुल 96 ग्राम पंचायतें हैं। अधिकारियों का मानना है कि नए परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। पंचायतों की नई सीमाएं तय होने के बाद ही वार्डों का पुनर्गठन, मतदाता सूची का संशोधन, आरक्षण निर्धारण तथा मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण जैसे कार्य किए जाएंगे।

    यही वजह है कि चुनाव प्रक्रिया में लंबा समय लगने की संभावना है। हालांकि, अभी तक जिला स्तर पर परिसीमन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में सरकार या उच्च विभाग से विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जुलाई माह समाप्त होने के बावजूद न तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है और न ही मतदान केंद्रों या आरक्षण को लेकर कोई कार्रवाई हुई है।

    परिसीमन प्रक्रिया पूरा होने में लगेगा समय

    जिला पंचायती राज पदाधिकारी कमल किशोर ने भी स्वीकार किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा और इसके कारण पंचायत चुनाव में कम-से-कम एक वर्ष का विलंब हो सकता है। उन्होंने बताया कि परिसीमन पूरा होने के बाद ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।

    इधर, वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2026 के बाद समाप्त होने वाला है। यदि तब तक परिसीमन और चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो सरकार को पंचायतों के प्रशासनिक संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

    प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य बनने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को फिलहाल इंतजार करना होगा।

    हालांकि, जब तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक पंचायत चुनाव की तिथि घोषित होने की संभावना नहीं है।