मुंगेर में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्र भर का कैद; POCSO कोर्ट ने सुनाया फैसला, ₹25 हजार जुर्माना
मुंगेर में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी रोशन कुमार को पॉक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना ...और पढ़ें

मुंगेर के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज विमलेंदू कुमार की अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला।
HighLights
दोषी रोशन कुमार को आजीवन कारावास की सजा।
अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
6 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का जघन्य अपराध।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। मुंगेर जिले की एक अदालत ने 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में त्वरित न्याय सुनाते हुए दोषी को ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के गंभीर और संवेदनशील मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (षष्ठ) विमलेंदू कुमार की अदालत ने दोषी रोशन कुमार को आजीवन कारावास (ताउम्र कैद) की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माने की यह राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
खेलते-खेलते घर पहुंची मासूम को बनाया था हैवानियत का शिकार
मामले की पूरी जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि घटना मुंगेर जिले के हरपुर थाना क्षेत्र की है। 7 जनवरी 2022 को छह वर्षीय पीड़िता अपने घर के बाहर खेलते-खेलते पड़ोसी आरोपित रोशन कुमार के घर के पास पहुंच गई थी।
आरोप है कि रोशन कुमार मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के अंदर ले गया और वहां कमरे का दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म जैसी हैवानियत भरी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद जब रोती-बिलखती मासूम किसी तरह अपने घर पहुंची, तो उसकी मां ने उसकी नाजुक और अस्वस्थ हालत देखकर घटना के बारे में पूछा। बच्ची की आपबीती सुनने के बाद परिजनों के होश उड़ गए।
मां ने दर्ज कराई थी FIR, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मिली सजा
पीड़ित बच्ची की मां तुरंत उसे लेकर हरपुर थाने पहुंची और आरोपित रोशन कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की सुसंगत और सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराया तथा आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
खबरें और भी
मामले में अनुसंधान पूरा करने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और मजबूत दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने 29 जुलाई को आरोपित रोशन कुमार को दोषी करार दिया था।
सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अंतिम फैसला
गुरुवार को अदालत में सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजक ने समाज में ऐसे जघन्य और मासूमों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज विमलेंदू कुमार ने दोषी रोशन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत और न्याय प्रणाली के प्रति आभार व्यक्त किया है।