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    मुंगेर में आस्था की डगर पर लूट, एक शौचालय ध्वस्त: दूसरा गिरने की कगार पर

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:16 PM (GMT+05:30)

    संग्रामपुर के जनकपुर कांवड़िया पथ पर श्रावणी मेले के लिए बने शौचालयों की घटिया गुणवत्ता सामने आई है। एक शौचालय धंसने के बाद गिराया गया, जबकि दूसरा गिर ...और पढ़ें

    मुंगेर में आस्था की डगर पर लूट, एक शौचालय ध्वस्त; दूसरा गिरने की कगार पर

    मुंगेर में आस्था की डगर पर लूट, एक शौचालय ध्वस्त; दूसरा गिरने की कगार पर

    HighLights

    1. जनकपुर कांवड़िया पथ पर एक शौचालय धंसकर बुलडोजर से गिराया गया।

    2. दूसरा शौचालय भी बड़ी दरारों के कारण गिरने की कगार पर।

    3. स्थानीय लोगों ने घटिया निर्माण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

    संवाद सहयोगी, संग्रामपुर (मुंगेर)। श्रावणी मेले में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के प्रशासनिक दावों की संग्रामपुर प्रखंड स्थित जनकपुर कांवड़िया पथ पर परत-दर-परत पोल खुलने लगी है। मेला शुरू होते ही लाखों रुपये की लागत से बने शौचालय और स्नानागार निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है।

    हालात ऐसे हैं कि मंगलवार की सुबह एक शौचालय धंस जाने के कारण बुलडोजर से गिराना पड़ा, जबकि दूसरे में पड़ी बड़ी दरार किसी बड़े हादसे की चेतावनी दे रही है। जानकारी के अनुसार, गंगा पंप नहर के लिए पाइप बिछाने के दौरान पहले से बने शौचालय और स्नानागार को ध्वस्त कर दिया गया था।

    पाइप लाइन का काम पूरा होने के बाद उसी स्थान पर नए शौचालय और स्नानागार का निर्माण कराया गया। लेकिन, निर्माण पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।

    मंगलवार की सुबह जनकपुर स्थित शौचालय संख्या-32 धंस गया तो विभागीय पदाधिकारियों ने बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। वहीं, शौचालय संख्या-33 में के दीवार और फर्श में कई जगहों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

    क्षतिग्रस्त होने से हादसे की संभावना

    श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन हजारों कांवड़ियों की आवाजाही होती है। ऐसे में क्षतिग्रस्त शौचालय और स्नानागार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

    सवालों पर चुप्पी, जवाब से बचते रहे जिम्मेदार

    मामले में पीएचईडी के कनीय अभियंता दिनेश कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद तारापुर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश रंजन कुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने क्षतिग्रस्त शौचालय की तस्वीर भेजने को कहा।

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    तस्वीर भेजने के बाद दोबारा संपर्क करने पर उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। इस संबंध में पूछे जाने पर पीएचइडी के सहायक अभियंता सूरभी सिंह ने बताया कि फाइल देख कर हीं वह कुछ बता सकेंगी।

    वहीं, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने महिला शौचालय धंसने के बावत पूछे जाने पर बताया कि वहां पर पन्द्रह फीट नीचे पानी का पाइप पास हुआ है। पानी के पाइप में लिकेज के कारण शौचालय का दिवाल धंसा होगा।

    उन्होंने विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराने की बात कही। जांच के बाद ही शौचालय के धंसने के संबंध में किसी तरह की जानकारी देने की बात कही।

    ग्रामीणों ने की जांच कर कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी एजेंसी व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर यदि घटिया निर्माण कराया गया है तो यह गंभीर लापरवाही है। मेला व्यवस्था में निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवालों ने जनकपुर कांवड़िया पथ की तैयारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।