मुंगेर-खगड़िया श्रीकृष्ण सेतु से गुजरने वाले सावधान, गाड़ियों का थम गया है पहिया, निकलने से पहले चेक करें लाइव स्टेटस
मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर शनिवार रात से लगा भीषण जाम रविवार दोपहर 15 घंटे बाद खुला, जिससे 35 किलोमीटर तक वाहनों के पहिये थमे रहे। तेलिया तालाब के पा ...और पढ़ें

मुंगेर श्रीकृष्ण सेतु पर 15 घंटे का महाजाम: एनएच पर 35 किलोमीटर तक लगी गाड़ियों की कतार, तड़पते रहे भूखे-प्यासे लोग
HighLights
श्रीकृष्ण सेतु पर 15 घंटे तक चला भीषण जाम।
तेलिया तालाब के पास सिंगल रोड बनी मुख्य वजह।
मुफस्सिल पुलिस ने संभाला मोर्चा, जाम खुलवाया।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। मुंगेर में श्रीकृष्ण सेतु पर शनिवार की रात करीब 10 बजे लगा भीषण महाजाम रविवार की दोपहर लगभग एक बजे जाकर समाप्त हो सका। करीब 15 घंटे तक चले इस अभूतपूर्व ट्रैफिक जाम ने एनएच-333बी पर बेगूसराय टोल प्लाजा से लेकर एनएच-80 घोरघट तक के पूरे मार्ग को अपनी चपेट में ले लिया। इस महाजाम की वजह से लगभग 35 किलोमीटर लंबे व्यस्त हाईवे पर वाहनों के पहिये पूरी तरह से थमे रहे।
भीषण गर्मी और भूख-प्यास से तड़पते रहे मासूम बच्चे
इस दौरान हजारों यात्री भयंकर उमसभरी गर्मी, भूख-प्यास और प्रशासनिक अव्यवस्था के बीच घंटों तक सड़क पर ही फंसे रहने को मजबूर हुए। महाजाम में एक हजार से अधिक छोटे-बड़े कमर्शियल और निजी वाहन रेंगने को भी तरस गए, जिससे हालात बदतर हो गए। स्थिति यह रही कि कई वीआईपी और यात्री वाहनों को घंटों तक एक इंच भी आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला।
गाड़ियां छोड़कर 4 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए लोग
रविवार की सुबह जैसे-जैसे धूप तेज हुई, बंद गाड़ियों में बैठे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी से बुरी तरह बेहाल नजर आने लगे। हाईवे पर पानी और भोजन की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई परेशान यात्रियों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें अपने वाहन छोड़ चार से पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
तेलिया तालाब के पास सिंगल रोड बनी जाम की मुख्य वजह
इस दौरान आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े एम्बुलेंस जैसे वाहनों की आवाजाही भी ठप रही, जिससे संकट और गंभीर हो गया। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरी अव्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि तेलिया तालाब के पास सिंगल रोड होना ही इस महाजाम की सबसे बड़ी मुख्य वजह है।
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एनएचएआई की भूमिका पर फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
थोड़ी सी भी वाहनों की संख्या बढ़ते ही यहाँ का पूरा ट्रैफिक सिस्टम एकदम चरमरा जाता है और गाड़ियां फंस जाती हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि इस बेहद संवेदनशील स्थल पर न तो नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है और न ही मॉनिटरिंग होती है। महाजाम के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
सिंगल रोड और मॉनिटरिंग का अभाव
बॉटलनेक संकट: तेलिया तालाब के पास सड़क का सिंगल होना सबसे बड़ा कारण है, जहां गाड़ियां फंसते ही ३५ किमी लंबा बैकअप बन गया।
एनएचएआई की लापरवाही: इतने बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर संकट के समय एनएचएआई का कोई भी जिम्मेदार प्रतिनिधि समन्वय के लिए मौजूद नहीं था।
भविष्य के लिए इन सुरक्षा उपायों की जरूरत
हाईवे पर तैनाती: स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर २४ घंटे ट्रैफिक पुलिस बलों की मुस्तैदी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
स्मार्ट विजुअल्स: पूरे रूट पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर कंट्रोल रूम से भारी वाहनों की कतारों को समय रहते नियंत्रित करने की वकालत की गई है।
मुफस्सिल थाना पुलिस ने 15 घंटे बाद बहाल कराया ट्रैफिक
अधिकारियों के न पहुंचने से राहत और गाड़ियों को निकालने के लिए समन्वय बनाने की कोशिशें काफी समय तक बेहद कमजोर पड़ी रहीं। हालात लगातार बिगड़ते देख रविवार की सुबह मुफस्सिल थाना पुलिस ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे जाम खुलवाया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद धीरे-धीरे गाड़ियों को निकाला गया और यातायात सामान्य हुआ।
बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए स्थायी समाधान की मांग
इस लंबे जाम से पूरी तरह निजात पाने के लिए स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से एक स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की २४ घंटे स्थायी तैनाती और सीसीटीवी से निगरानी होनी चाहिए। साथ ही भारी कमर्शियल वाहनों के बेहतर प्रबंधन को लागू किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए।