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घंटी बजते ही बेटियां सड़क पर, मुंगेर में डायल 112 और ‘पुलिस दीदी’ भी गायब, सुरक्षा भगवान भरोसे

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:50 PM (IST)

Munger Girls Safety Abhaya Brigade: जमुई की घटना के बाद मुंगेर में छात्राओं की सुरक्षा का जागरण टीम ने जायजा ...और पढ़ें

मुंगेर के महिला आईटीआई व बैजनाथ स्कूल के बाहर शाम के समय बिना पुलिस सुरक्षा के घर लौटतीं चिंतित छात्राएं।

मुंगेर के महिला आईटीआई व बैजनाथ स्कूल के बाहर शाम के समय बिना पुलिस सुरक्षा के घर लौटतीं चिंतित छात्राएं

HighLights

  1. मुंगेर में स्कूल-कॉलेज छुट्टी पर सुरक्षा दावों की पोल खुली।

  2. 'अभया ब्रिगेड' और पुलिस गश्त मौके से पूरी तरह नदारद।

  3. छात्राएं अंधेरे और छेड़खानी के डर से असुरक्षित महसूस करती हैं।

हैदर/कामेश, मुंगेर। Munger Girls Safety Abhaya Brigade: पड़ोसी जिले जमुई में छात्रा के साथ हुई दुखद घटना के बाद मुंगेर जिले में बेटियों की जमीनी सुरक्षा को परखने के लिए जागरण की टीम मंगलवार को सड़कों पर उतरी।

टीम ने स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों की छुट्टी के समय महिला आईटीआई कॉलेज, बीआरएम कॉलेज, बैजनाथ स्कूल, विभिन्न निजी विद्यालयों और कोचिंग हब के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।

इस पड़ताल का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि जब छात्राएं पढ़ाई पूरी कर घर लौटती हैं, तो सड़कों पर उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस कितनी मुस्तैद रहती है। हालांकि, धरातल पर जो तस्वीर सामने आई, वह सुरक्षा दावों की पोल खोलने वाली और बेहद चिंताजनक रही।

जिन मुख्य सड़कों और संकीर्ण मोड़ों से सैकड़ों छात्राओं की भीड़ एक साथ निकलती है, वहां न तो स्थानीय पुलिस की कोई गश्ती गाड़ी (112) दिखी और न ही विशेष रूप से गठित 'अभया ब्रिगेड' की स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मी (पुलिस दीदी)।

विशेष रूप से महिला आईटीआई में शाम पांच बजे छुट्टी होते ही छात्राओं के चेहरे पर चिंता और डर साफ झलकने लगता है। शीतकाल में शाम ढलते ही अंधेरा गहराने लगता है, जिससे दूर-दराज के इलाकों से आने वाली बेटियों के परिजनों की चिंता भी कई गुना बढ़ जाती है।

'घर पहुंचते-पहुंचते हो जाता है अंधेरा'- छात्राओं ने बयां की अपनी आपबीती

  • वर्षा कुमारी (बाहाचौकी, 13 किमी दूर): "शाम पांच बजे आईटीआई की छुट्टी होती है। घर पहुंचते-पहुंचते पूरा अंधेरा हो जाता है। रास्ते में कहीं भी महिला पुलिसकर्मी नजर नहीं आतीं। ठंड में जल्दी अंधेरा होने से डर और बढ़ जाता है।"

  • अनु कुमारी (सूर्यगढ़ा, 35 किमी दूर): "घर 35 किलोमीटर दूर है। सार्वजनिक वाहनों से जाने के दौरान कई लोग लगातार घूरते हैं, जिससे बहुत असहज महसूस होता है। अगर रास्तों पर महिला पुलिस रहे तो सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।"

  • कोमल कुमारी (बेगूसराय): "ट्रेन से आने-जाने में भारी भीड़ रहती है और महिलाओं के लिए अलग कोच भी नहीं है। सुरक्षा को लेकर घरवाले रोज चिंतित रहते हैं।"

  • राजनंदिनी कुमारी (लोहची): "आसपास की घटनाओं को सुनकर घरवाले कहते हैं कि रोज कॉलेज मत जाया करो। कॉलेज के बाहर निकलते ही काफी डर लगता है। नियमित पुलिस गश्त बहुत जरूरी है।"

  • स्कूटी मिली, लेकिन किस सड़क पर दौड़ रही 'अभया ब्रिगेड'

    उल्लेखनीय है कि महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से दिसंबर माह में 'अभया ब्रिगेड' का गठन किया गया था और महिला पुलिसकर्मियों को विशेष गश्ती स्कूटी उपलब्ध कराई गई थी। दावा किया गया था कि ये टीमें प्रमुख शिक्षण संस्थानों, बाजारों, बस स्टैंडों और छात्राओं के आवागमन वाले संवेदनशील रास्तों पर लगातार गश्त करेंगी।

    • जमुई की घटना के बाद जागरण की ग्राउंड रिपोर्ट: मुंगेर में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की छुट्टी के समय सुरक्षा के दावे धड़ाम

    • महिला आईटीआई, बीआरएम कॉलेज और बैजनाथ स्कूल के बाहर से नदारद रहीं इमरजेंसी 112 और स्कूटी सवार ‘अभया ब्रिगेड’ की पुलिस दीदी

    • महिला आईटीआई की छुट्टी शाम 5 बजे होने से दूर-दराज (13 से 35 किमी) से आने वाली छात्राओं के लिए घर लौटना बना खौफनाक सफर

    • छात्राएं बोलीं— सड़कों पर मनचलों की घूरने की आदत से लगता है डर; अभया ब्रिगेड की नियमित और प्रभावी गश्त की पुरजोर मांग

    लेकिन जागरण की जमीनी पड़ताल में छुट्टी के वक्त यह ब्रिगेड पूरी तरह गायब मिली। अब शहरवासी और छात्राएं यही सवाल पूछ रहे हैं कि मुंगेर में महिला पुलिस की विशेष स्कूटी आखिर किस सड़क पर दौड़ रही है, इसका रूट चार्ट क्या है और इसकी मॉनिटरिंग कौन कर रहा है

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    अभया ब्रिगेड के साथ स्थानीय पुलिस की टीम स्कूल-कालेजों के आसपास नियमित गश्ती करेगी। पुलिस छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानेगी। शिकायत मिलने पर सुरक्षा संबंधी परेशानियों का समाधान कराया जाएगा। जांच के बाद जहां जरूरत महसूस होगी, वहां नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल-कालेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और पुलिस टीम को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। 

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    सैयद इमरान मसूद, एसपी

    कालेज में करीब सात हजार छात्राएं पढ़ती हैं। सुरक्षा को लेकर वासुदेवपुर थाना से पहले भी कई बार पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। सोमवार को मुंगेर विधायक को पत्र देकर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चार महिला पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की मांग की गई है। सोमवार को दो महिला पुलिसकर्मी कालेज आई थीं और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेकर चली गईं, लेकिन अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।

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    -डा. वंदना कुमारी ,प्रभारी प्रधानाचार्य ,बीआरएम कालेज