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    26 करोड़ से चमकेगा मुंगेर का उच्चेश्वरनाथ धाम, देवघर की तर्ज पर होगा विकास; 37 एकड़ में बनेगा नंदी वन और शिवगंगा

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 09:22 PM (IST)

    मुंगेर के टेटिया बंबर स्थित उच्चेश्वरनाथ महादेव मंदिर देवघरा में 26 करोड़ की लागत से पर्यटन विकास कार्य होगा, जिसमें देवघर की तर्ज पर शिवगंगा और नंदी ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, मुंगेर। जिले के टेटिया बंबर प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र उच्चेश्वरनाथ महादेव मंदिर देवघरा में 26 करोड़ की लागत से पर्यटक विकास का काम वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कराया जाएगा। यहां देवघर की तर्ज पर शिवगंगा व नंदी वन बनेगा।

    उच्चेश्वरनाथ धाम देवघरा में 37 एकड़ भूमि पर पर्यटक विकास का काम करेगा। इसमें 20 एकड़ जमीन वन क्षेत्र से बाहर सरकारी जमीन है, 2.37 एकड़ जमीन वन भूमि है, जबकि शेष 15 एकड़ जमीन रैयती जमीन है, जिसका अधिग्रहण कर पर्यटक विकास का काम होगा।

    इसके तहत देवघरा पहाड़ की चोटी पर स्थित शिव मंदिर तक सीढ़ी का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पहाड़ पर तीन स्थान पर लैंडस्केपिंग (पार्क के रूप में विकसित) किया जाएगा। यात्रियों के लिये विश्राम गृह के अलावा पहाड़ पर ही सेल्फी प्वाइंट बनेगा।

    सेल्फी प्वाइंट के समीप अर्जुन का धनुष (गांडिव) की आकृति बनाई जायई, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा और पर्यटक सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी ले सकेंगे। मंदिर परिसर के निचले हिस्से में वाहन पार्किंग स्थल भी बनाया जाएगा।

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    उच्चेश्वरनाथ धाम को इस प्रकार विकसित किया जाएगा, ताकि वहां पहुंचने वाले पर्यटकों को रोमांच का अनुभव हो सके। मंदिर परिसर में विवाह मंडप निर्माण के अलावा विकास के कई काम किए जाएंगे।

    आसपास के लोगों को लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वहां पर हाट भी बनाया जाएगा। जहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री लोग कर सकेंगे।

    शिव सर्किट से जुड़े तीन अन्य मंदिरों का होना है विकास

    उच्चेश्वरनाथ धाम देवघरा परिसर में पहाड़ के नीचे समतली स्थान पर 15 एकड़ में पार्क, नंदी वन और त्रिशूल वन का निर्माण किया जाएगा। पहाड़ी के नीचे शिवगंगा को विकसित कर चारो ओर सीढ़ी घाट का निर्माण करते हुए शिवगंगा के चारो ओर लैंड स्केपिंग कर पार्क का निर्माण होगा।

    शिवगंगा के समीप ही कमल सरोवर का भी निर्माण किया जा रहा है, उसके चारो ओर भी पार्क बनेगा। शिव सर्किट से जुड़े अजगैबीनाथ से देवघर के बीच पांच शिव मंदिर हैं।

    सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम शिव मंदिर और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम शिव मंदिर के अलावा अन्य तीन शिव मंदिर असरगंज के ढोलपहाड़ी शिव मंदिर, टेटिया बंबर के उच्चेश्वरनाथ धाम महादेव मंदिर देवघरा तथा गंगटा स्थित रंगनाथधाम शिव मंदिर को भी विकसित किया जाएगा।

    फिलहाल, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 26 करोड़ की लागत से उच्चेश्वरनाथ धाम को विकसित किए जाने का काम आरंभ किया गया है। ढोलपहाड़ी और रंगनाथधाम मंदिर का भी विकास किया जाएगा।

    उच्चेश्वरनाथ धाम देवघरा में 37 एकड़ भूमि पर पर्यटक विकास का काम किया जाना है। वन क्षेत्र और सरकारी जमीन के अलावा 15 एकड़ रैयती जमीन का अधिग्रहण कर विकास कार्य होना है। पर्यटक विकास का अधिकांश विभागीय स्तर से कराया जाएगा। - अमरीश कुमार मल्ल, डीएफओ, मुंगेर