यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में माओवादियों के खिलाफ एक्शन में NIA, प्रतिबंधित मजदूर संगठन से जुड़े ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
एनआइए की टीम ने बुधवार को झारखंड के गिरिडीह में ताबड़तोड़ छापेमारी की। एनआईए की टीम माओवादियों से संबंध होने के आरोप में गिरिडीह के मधुबन में सात लोगो ...और पढ़ें

HighLights
- माओवादियों से संबंध के आरोप में मधुबन में सात लोगों के ठिकानों पर एनआइए की छापेमारी
- आरोपियों से पूछताछ करने के साथ जब्त किए कई अहम दस्तावेज
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। एनआइए की टीम ने बुधवार सुबह गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र में छापेमारी की। माओवादियों से संबंध के आरोप में मधुबन में सात लोगों के ठिकानों पर एनआइए की टीम पहुंची थी। सुबह करीब पांच बजे एनआइए की टीम मधुबन थाना क्षेत्र की पुलिस के साथ आरोपितों के घर पहुंची और पूछताछ करते हुए कई दस्तावेज जब्त किए।
बताया जाता है कि एनआइए ने इन सभी को 27 जून को रांची स्थित कार्यालय बुलाया है। फिलहाल जांच जारी है। सुबह करीब नौ बजे टीम मधुबन से निकल गई। जिनके घरों पर टीम पहुंची, वे सभी वर्तमान में असंगठित मजदूर मोर्चा से जुड़े हैं। जनवरी में शुरू हुए इस संगठन का मुखिया बोकारो थर्मल निवासी हिताई महतो हैं।
मोर्चा की मधुबन शाखा के अध्यक्ष कोठाटांड़ निवासी अजीत राय, संगठन सचिव हटियाटांड़ निवासी मनोज महतो, मधुबन शाखा के उपाध्यक्ष कोठाटांड़ निवासी द्वारिका राय व मधुबन निवासी सूरज तुरी समेत बिरनगढ़ा निवासी सुरेश तुरी, दालान चलकरी निवासी अनिल किस्कू व बगदाहा निवासी विकास कर्मकार के ठिकानों पर टीम पहुंची थी।
संबंधित सभी लोगों के मोबाइल फोन, बैंक डाक्यूमेंट, आधार कार्ड, पैन कार्ड की कापी समेत अन्य अहम दस्तावेज जब्त किए गए।
मनोज महतो के घर से एनआइए ने मजदूर एकता संघ (निर्माण) के लेटर हेड पर 15 मई 2018 और मजदूर संगठन समिति के लेटरपैड पर छह नवंबर 2022 को भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष को लिखे गए पत्र भी बरामद किए।
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मनोज महतो की पत्नी रीता देवी के आधार कार्ड की कापी भी टीम अपने साथ ले गई है।असंगठित मजदूर मोर्चा के सदस्य लगातार एनआइए के रडार पर हैं। इनमें संगठन के कार्यकारी सदस्यों में हरलाडीह निवासी थानूराम महतो भी शामिल है। पहले वह मजदूर संगठन समिति का सक्रिय सदस्य था।
बीते वर्ष एनआइए की टीम ने उसके ठिकानों समेत धनबाद और बोकारो जिले में भी एक साथ छापेमारी की थी। इधर, वर्तमान में एक बार फिर माओवादियों की सक्रियता की भनक मिलने पर टीम सक्रिय हुई है। असंगठित मजदूर मोर्चा से गिरिडीह जिले के 30 से अधिक लोग जुड़े है।
मोर्चा की मधुबन शाखा के अलावा संगठन से जुड़कर 13 लोग समिति सदस्य और 20 लोग कार्यकारी सदस्य का दायित्व संभाल रहे हैं। स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर से स्थिति पर नजर रख रही है।
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