मुंगेर में मूसलाधार बारिश से मुसीबत: सती नदी का सुरक्षा बांध टूटा, 150 घरों का संपर्क कटा
मूसलाधार वर्षा के कारण हवेली खड़गपुर में सती नदी का सुरक्षा बांध टूट गया और सड़क बह गई, जिससे 150 घरों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया। ...और पढ़ें

बसमता गांव के समीप ग्रामीणों को समझाते कनीय अभियंता व पुलिस। सौजन्य : ग्रामीण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा ने हवेली खड़गपुर प्रखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंगटा पंचायत की बसमता गांव के समीप सती नदी का सुरक्षा बांध टूटने और सड़क बह जाने से करीब 150 घरों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है।
हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब रोजमर्रा के काम के लिए करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार बगरा नदी का पानी पुलिया बंद रहने के कारण सती नदी में तेज दबाव के साथ पहुंचा।
जल निकासी बाधित होने से सुरक्षा बांध अधिक देर तक दबाव नहीं झेल सका और ध्वस्त हो गया। इसके साथ ही सड़क भी बह गई। बसमता, घुघलाडीह, बिहवे और पहाड़पुर गांव के लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल, दिनेश यादव, सुधीर पंडित, बाबूलाल यादव समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण और पुलिया बंद किए जाने से पानी की निकासी बाधित हुई।
यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया जाता और पुलिया खुली रहती तो इतनी बड़ी समस्या नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने रखी शर्त
सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता चंद्रकांत और गंगटा थाने की पुलिस पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल पुलिया खोलकर जल निकासी शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पहले जमीन की मापी और अतिक्रमण की जांच कराने की मांग रख दी।
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कनीय अभियंता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो आसपास के क्षेत्रों में और अधिक नुकसान हो सकता है।
उफान पर नदियां, सरकारी कार्यालय भी जलमग्न
रविवार रात से जारी वर्षा के कारण मनी नदी, डंगरी, महाने, खर्रा और जोकिया समेत कई नदियां उफान पर हैं। अनुमंडलीय अस्पताल और अंचल कार्यालय परिसर में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। लोगों को अस्पताल और सरकारी कार्यालय तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, सद्भावना घाट स्थित काजवे पुलिया पर करीब छह फीट पानी बहने से वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह बंद हो गया है। इधर, भारी वर्षा ने जहां आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं, धान की रोपनी और खेती की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा राहत लेकर आई है।
किसानों का कहना है कि पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी आ गई है, जिससे धान की खेती को गति मिलेगी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले कटे संपर्क मार्ग और टूटे बांध की मरम्मत पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए, ताकि जनजीवन जल्द सामान्य हो सके।