यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News : मुंगेर संसदीय क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, दिया ये निर्देश
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HighLights
- स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से बूथ कैप्चरिंग का आरोप
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा
नई दिल्ली, आइएएनएस। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुंगेर संसदीय क्षेत्र के राजद प्रत्याशी की मतदान में कथित धांधली, बूथ कैप्चरिंग और हेराफेरी को लेकर दोबारा मतदान कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया है।
याचिका में चुनाव आयोग को कुछ बूथों पर दोबारा मतदान और वोटों की गिनती के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की छूट देते हुए याचिका खारिज कर दी।
सबसे पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना जरूरी
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस प्रसन्ना बी.वराले की अवकाशकालीन पीठ ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि याचिकाकर्ताओं के लिए सबसे पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना जरूरी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस शर्मा ने याचिकाकर्ता और राजद प्रत्याशी कुमारी अनीता के वकील एडवोकेट अल्जो जोसेफ से कहा,”अस्वीकृति आदेश कहां है? आप सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए, हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते?...इस देश में हाईकोर्ट बंद नहीं हैं। कृपया हाईकोर्ट जाएं और हाईकोर्ट के सामने यह सब बहस करें। मुझे खेद है कि हम इस पर गुण-दोष के आधार पर बात नहीं कर रहे हैं।”
हालांकि वकील अल्जो जोसेफ ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ जदयू प्रत्याशी की स्थानीय प्रशासन से पूरी साठगांठ है। जब कुमारी अनीता ने विरोध किया तो उनसे भी बदसुलूकी की गई। उन्होंने अपनी याचिका में लखीसराय, मोकामा, सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र समेत मुंगेर के सभी हिस्से में पुनर्मतदान की मांग की है।