Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मौत के बाद भी अपमान, SKMCH में लावारिस शव को सीढ़ी के नीचे छोड़ा, कफन तक नसीब नहीं

    By Keshav Kumar Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Tue, 02 Dec 2025 10:26 PM (IST)

    एक दुखद घटना में एक अज्ञात व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके शव को सीढ़ी के नीचे लावारिस छोड़ दिया गया। आरोप है कि हेल्थ मैनेजर ने मृतक के लिए कफ़न तक उपल ...और पढ़ें

    एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में सीढ़ी के नीचे पड़ा लावारिस शव। जागरण

    एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में सीढ़ी के नीचे पड़ा लावारिस शव। जागरण

    HighLights

    1. लावारिस शव को सीढ़ी के नीचे फेंका

    2. हेल्थ मैनेजर पर कफ़न न देने का आरोप

    3. अमानवीय व्यवहार से मानवता शर्मसार

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच में लावारिस मरीज की मौत के बाद उसे कफन नसीब होना तो दूर अमानवीय व्यवहार किया गया। सफाईकर्मियों ने इमरजेंसी वार्ड में सीढ़ी के नीचे शव को बेड सहित रख दिया।

    वहां भर्ती मरीजों के स्वजन का कहना था कि सफाईकर्मियों ने शव को वहीं छोड़ दिया। कफन भी नहीं दिया। बोलने पर मरीज की बेडशीट लेकर उसके ऊपर रख दी। वहीं, शव के पास सफाई सामग्री भी रखी थी।

    घटना सोमवार रात की बताई जा रही है। वार्ड आठ के पास लावारिस मरीज की मौत के बाद शिकायत पर हेल्थ मैनेजर सोहैल अख्तर को वहां से शव को डिस्पोजल करने को कहा। सफाईकर्मी शव को बेड सहित उठाकर लाए और इमरजेंसी वार्ड की सीढ़ी के नीचे छोड़ दिया।

    मंगलवार को देर शाम कंट्रोल रूम से जानकारी लेने के दौरान नर्सिंग स्टाफ आलोक पहुंचे। उन्होंने जानकारी लेकर एसकेएमसीएच ओपी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कक्ष भिजवाया।

    उपाधीक्षक डा.सतीश कुमार सिंह ने बताया कि लावारिस मरीज की मौत होने के बाद शव को ड्यूटी में मौजूद हेल्थ मैनेजर व नर्सिंग स्टाफ को स्थानीय पुलिस के सहयोग से डिस्पोजल करना है। उसे कफन मुहैया कराना है।

    उन्हें मौत की सूचना मिली है, लेकिन शव फेंकने या कफन नहीं देने की जानकारी नहीं मिली है। अपने स्तर से मामले को दिखवाएंगे। सीसी कैमरे के फुटेज से घटनाक्रम को देखेंगे। जो दोषी होंगे, कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, प्राचार्य डा. आभा रानी सिन्हा ने बताया ड्यूटी में तैनात हेल्थ मैनेजर सोहैल अख्तर से पूछताछ की जाएगी। शव का डिस्पोजल व कफन देने की जवाबदेही ड्यूटी पर तैनात हेल्थ मैनेजर की है। उन्होंने जवाबदेही नहीं निभाई, इसकी जांच कराई जाएगी।

    तीन दिनों में तीन लावारिसों की मौत 

    पिछले तीन दिनों में तीन लावारिस मरीजों की मौत हुई है। दो मरीज इमरजेंसी वार्ड में मौत के बाद 24 घंटे तक पड़े रहे। इमरजेंसी वार्ड में स्वजन की शिकायत पर उसे डिस्पोजल कराया गया, लेकिन कफन नहीं मिल सका। इससे अस्पताल की लापरवाही सामने आ रही है।