मुजफ्फरपुर में भुटकुन शुक्ला हत्याकांड का फैसला, 29 साल बाद दोषी को उम्रकैद, बॉडीगार्ड ही निकला हत्यारा
वैशाली के चर्चित भुटकुन शुक्ला हत्याकांड में 29 साल बाद दोषी दीपक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। भुटकुन शुक्ला बाहुबली छोटन शुक्ला के भाई थे, ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर/हाजीपुर (वैशाली)। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दशम सर्वेश कुमार मिश्रा ने वैशाली जिले के चर्चित भुटकुन शुक्ला हत्याकांड के अभियुक्त दीपक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
भुटकुन शुक्ला बाहुबलि छोटन शुक्ला और लालगंज के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला के भाई थे। करीब 29 वर्षों बाद इस मामले में अदालत की ओर से फैसला आया।
दोषी अभियुक्त दीपक सिंह मूल रूप से पारू का रहने वाला है। विदित हो कि 16 जुलाई 1997 को भुटकुन शुक्ला की हत्या उनके पैतृक आवास लालगंज थाना क्षेत्र के खंजाहाचक गांव में ही कर दी गई थी।
जिसमें उनके ही करीबी और बाडीगार्ड दीपक सिंह का नाम आया था। इस मामले में न्यायाधीश ने आरोपित दीपक सिंह को दोषी करार देने के बाद बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बैंक प्रबंधक की हत्या के मामले में दीपक की हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि पिछले साल मुजफ्फरपुर पुलिस ने पारू इलाके में 14 वर्ष पुराने एक बैंक प्रबंधक की हत्या के मामले में दीपक सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पारू सरमस्तपुर स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के तत्कालीन प्रबंधक लालबहादुर सिंह की 14 वर्ष पहले हत्या कर शव को उन्हीं के बैंक के कैश केबिन में गमछा के फंदे से लटकाने का आरोप था।
पुलिस जांच में मामले में पारू सरमस्तपुर के दीपक सिंह व पारू के संजय सिंह की संलिप्तता सामने आई थी। दोनों के विरुद्ध पुलिस कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
इसमें दीपक सिंह फरार चल रहा था। कोर्ट ने उसके विरुद्ध कुर्की का आदेश जारी किया था। वहीं पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपया का इनाम घोषित किया था। बिहार एसटीएफ की टीम ने यूपी के वाराणसी से गिरफ्तार कर पारू पुलिस को सौंप दिया था।
पुलिस के अनुसार दीपक सिंह भुटकुन शुक्ला के गिरोह का शार्प शूटर रहा था। मामले में वह लंबे समय तक जेल में रहा। उसकी मां मुखिया है। मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी समेत कई अन्य जिलों में उसका गिराेह सक्रिय था। -
- भुटकुन शुक्ला हत्याकांड में दीपक सिंह को आजीवन कारावास
- 1997 में भुटकुन शुक्ला की हत्या उनके पैतृक आवास लालगंज के खंजाहाचक में ही कर दी गई थी
- बाहुबलि छोटन शुक्ला और लालगंज के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला के भाई थे भुटकुन शुक्ला
- करीब 29 वर्षों बाद चर्चित हत्याकांड में आया फैसला, दोषी दीपक सिंह मूल रूप से पारू का रहने वाला