इस नटवरलाल के भी क्या ही कहिए, मुजफ्फरपुर में ICICI बैंक को लगाया 1.74 करोड़ का चूना
ICICI Bank Mithanpura Fraud: मुजफ्फरपुर के आईसीआईसीआई बैंक में 1.74 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्ते ...और पढ़ें

बैंक की आंतरिक जांच और पंचायती राज अधिकारियों से पूछताछ में प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Bank Fraud News: बिहार के नटवरलाल क्या-क्या कर सकते हैं इसका सहज रूप से अंदाजा लगाना मुश्किल है। सामान्य लोग ही नहीं, बैंक प्रोशेनल्स को भी चूना लगाने से नहीं चूक रहे। मुजफ्फरपुर के आईसीआईसीआई बैंक से एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है।
मिठनपुरा स्थित इस बैंक की शाखा में फर्जीवाड़ा कर 1.74 करोड़ रुपये की जालसाजी कर ली गई है। इनके कांफिडेंस का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर पहले बैंक गारंटी बंद कराई और बाद में बंधक रखी गई एफडी की भारी-भरकम राशि हड़प ली।
मामला सामने आने के बाद बैंक के एरिया मैनेजर आनंद कुमार के बयान पर मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी की गई है। वहीं दूसरी ओर लोग इसकी चर्चा कर रहे हैं कि कैसे बैंक वालों को भी ये ठग अपने जाल में फंसा ले रहे हैं?
1.74 करोड़ की ठगी
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार मेसर्स स्किलजा ग्रोथ प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक अवनीश कुमार शर्मा सहित अन्य को इस जालसाजी के लिए आरोपित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी ने बैंक में 10 फिक्स्ड डिपॉजिट के एवज में लार्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज के पक्ष में परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जारी कराई थी। यह बैंक गारंटी बिहार के विभिन्न पंचायती राज कार्यालयों के लिए 1,74,81,387 रुपये की लागत पर बनाई गई थी।
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फर्जी दस्तावेज दिए
यहां तक तो सबकुछ नियम के अनुसार ही रहा। जालसाजों ने असली खेल इसके बाद शुरू किया। आरोप है कि निदेशक अवनीश कुमार शर्मा ने जाली डिस्चार्ज लेटर तैयार कराया। इसके बाद उस फर्जी कागजात को आधार बनाकर बैंक गारंटी रद करा दी।
बैंक गारंटी रद होते ही बंधक रखी गई एफडी की पूरी रकम मुक्त कराकर आरोपित ने अपने व्यक्तिगत बचत खाते में ट्रांसफर कर ली। इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश तो तब हुआ जब लार्ड्स मार्क इंडस्ट्रीज ने बिना सहमति बैंक गारंटी बंद होने की शिकायत बैंक प्रबंधन से की। इस स्तर का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद तो बैंक की शाखा में जैसे हड़कंप ही मच गया।
पुलिस जांच शुरू
वहीं दूसरी ओर इस तरह की शिकायत मिलने के बाद बैंक की आंतरिक जांच और पंचायती राज अधिकारियों से पूछताछ में प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद बैंक अधिकारी ने मिठनपुरा थाने में लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आलोक में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी निदेशक व सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।