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    बिहार के लॉ कॉलेजों का होगा भौतिक निरीक्षण, बार काउंसिल की सख्ती से मान्यता पर संकट

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 10:40 PM (IST)

    बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधीन सभी लॉ कॉलेजों का बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर जल्द ही गहन भौतिक निरीक्षण होगा। निरीक्षण दल संकाय, कक्षाओं, प ...और पढ़ें

    विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन और रजिस्ट्रार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। फाइल फोटो

    विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन और रजिस्ट्रार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bar Council Of India Law Education Rules: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधीन संचालित होने वाले सभी विधि (लॉ) शिक्षण संस्थानों का जल्द ही गहन भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।

    इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक विशेष निरीक्षण दल का गठन किया जाएगा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रधान सचिव श्रीमंतो सेन ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन और रजिस्ट्रार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    बार काउंसिल ने विधिक शिक्षा नियम के तहत विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि वह अपने सभी संबद्ध और घटक लॉ कॉलेजों का तुरंत सत्यापन करे। निरीक्षण टीम कॉलेजों में संकाय सदस्यों की उपलब्धता, कक्षाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, मूड कोर्ट (वाद-विवाद कक्ष) और परिसर के भवनों की स्थिति जांचेगी। इसके अलावा अग्निशमन सुरक्षा, स्वच्छता, कानूनी सहायता क्लीनिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड का भी पूरा सत्यापन किया जाएगा।

    विश्वविद्यालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोई भी लॉ कॉलेज नियम विरुद्ध तरीके से सप्ताहांत, शाम की या शिफ्ट आधारित कक्षाएं तो नहीं चला रहा है।

    बार काउंसिल के अनुसार नियमित पाठ्यक्रम वही है जो प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे और प्रति सप्ताह न्यूनतम 30 घंटे संचालित होता हो। कामकाजी व्यक्तियों या अंशकालिक छात्रों को समायोजित करने वाली ऐसी किसी भी अनधिकृत व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश है।

    विश्वविद्यालय को काउंसिल का पत्र मिलने के छह सप्ताह के भीतर पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न कर रिपोर्ट भेजनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों को पूर्ण अनुपालन करने वाले, गैर-नवीनीकरण और संबद्धता रद्द करने योग्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

    यदि विश्वविद्यालय समय पर रिपोर्ट नहीं भेजता है, तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया संबंधित संस्थानों का अनुमोदन और नवीनीकरण रोक सकती है।

    काउंसिल ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल पुराने संबद्धता पत्र या संस्थान के अपुष्ट स्व-घोषणा पत्र के आधार पर बीसीआई से नवीनीकरण की सिफारिश नहीं की जा सकेगी।

    इस सख्त रुख के बाद अब बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से जुड़े लॉ कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में निरीक्षण दल की रिपोर्ट के आधार पर कई कॉलेजों की मान्यता पर संकट आ सकता है।

     

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