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    बिहार में नई टोल नीति लागू, वित्तीय निगरानी के लिए बनी स्पेशल कामर्शियल यूनिट

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 08:32 PM (IST)

    बिहार में नई टोल नीति लागू की गई है, जिसके तहत वित्तीय प्रबंधन और टोल वसूली की निगरानी के लिए एक विशेष कमर्शियल यूनिट का गठन किया गया है। यह यूनिट टोल ...और पढ़ें

    निजी एजेंसियों के कामकाज से लेकर राजस्व का पूरा हिसाब-किताब सुरक्षित रखेगी। फाइल फोटो

    निजी एजेंसियों के कामकाज से लेकर राजस्व का पूरा हिसाब-किताब सुरक्षित रखेगी। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar New Toll Policy: बिहार में नई टोल नीति और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है।

    पथ निर्माण विभाग ने निगरानी के लिए कमर्शियल ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट यूनिट का गठन कर सभी जिलों को सूचित किया है।यह विशेष यूनिट टोल वसूलने वाली निजी एजेंसियों के कामकाज से लेकर राजस्व का पूरा हिसाब-किताब सुरक्षित रखेगी।

    विभाग ने यूनिट गठन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जिलों में इसके क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है।यूनिट का मुख्य उद्देश्य सड़क परियोजनाओं से होने वाली आय और टोल प्लाजा के संचालन की गहन निगरानी करना है।

    इसके साथ ही दैनिक टोल वसूली के हर पैसे का सटीक हिसाब रखकर व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। टोल वसूली का काम निजी एजेंसियों को सौंपने के लिए पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का संचालन भी इसी यूनिट की देखरेख में होगा।

    यूनिट नियमित रूप से चयनित एजेंसियों के कामकाज और वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए पूरी तरह जवाबदेह होगी। इसके अतिरिक्त सड़कों पर चलने वाले व्यावसायिक वाहनों की सटीक गिनती का आकलन कर उचित टोल दर तय की जाएगी।

    मुजफ्फरपुर जिले में दो स्टेट हाईवे (एसएच-74 और एसएच-86) तथा तीन प्रमुख पुलों को नई टोल नीति में शामिल किया गया है।

    साहेबगंज के बंगरा घाट, मीनापुर के रघई घाट और बंदरा के पिलखी पुल पर अक्टूबर-नवंबर से टोल वसूली शुरू होगी।

    विभाग जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा, साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि केवल व्यावसायिक वाहनों को ही टोल देना होगा।

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